पहली बार ख़रीद रहे हो सेकंड हैंड कार तो जरूर रखें इन 7 बातों का ध्यान, नहीं पड़ेगा पछताना

पहली कार लेने का सपना लगभग हर इंसान का होता है। लेकिन बजट की वजह से बहुत लोग नई कार की बजाय सेकंड हैंड कार खरीदने का फैसला करते हैं। यह फैसला गलत नहीं है—अक्सर कम पैसे में अच्छी गाड़ी मिल जाती है।

समस्या तब शुरू होती है जब हम बिना पूरी जांच के, सिर्फ दिखावे या कम कीमत के लालच में गाड़ी खरीद लेते हैं। बाद में सर्विस सेंटर के चक्कर और अचानक आने वाला खर्च सारी खुशी खत्म कर देता है।

अगर आप पहली बार सेकंड हैंड कार खरीदने जा रहे हैं, तो ये 7 बातें ऐसे समझिए जैसे कोई बड़ा भाई आपको सच में सलाह दे रहा हो।

नई Maruti Brezza 18km/l के माइलेज के साथ, फीचर्स है भरकर जबकि कीमत है मात्र इतनी

1. कागज़ पहले, गाड़ी बाद में

बहुत लोग गाड़ी देखकर ही खुश हो जाते हैं—“लुक अच्छा है, चलो ले लेते हैं।” लेकिन असली कहानी कागज़ों में छिपी होती है। RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) में मालिक का नाम चेक करें। इंश्योरेंस वैध है या नहीं, यह देखें। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड भी मांगें।

अगर गाड़ी पर लोन चल रहा है और NOC नहीं है, तो आगे जाकर कानूनी दिक्कत हो सकती है। इसलिए कागज़ साफ हैं या नहीं—यह सबसे पहले तय करें।

2. इंजन की आवाज आपको सब बता देगी

गाड़ी स्टार्ट करते समय ध्यान से सुनिए। इंजन ज्यादा हिल रहा है? धुआं निकल रहा है? आवाज अजीब लग रही है? अगर आपको कार की तकनीकी जानकारी नहीं है, तो किसी भरोसेमंद मैकेनिक को साथ ले जाएं। 500–1000 रुपये की जांच आपको 50,000 रुपये के नुकसान से बचा सकती है।

याद रखिए, बॉडी ठीक हो सकती है, लेकिन खराब इंजन आपकी जेब खाली कर सकता है।

3. एक्सीडेंट वाली कार से सावधान

हर सेकंड हैंड कार खराब नहीं होती, लेकिन हर कार साफ भी नहीं होती। दरवाज़ों के किनारे, पेंट का रंग, बोनट की फिटिंग—इन सब पर ध्यान दें। अगर पेंट कहीं ज्यादा नया लग रहा है या दरवाज़ों के गैप बराबर नहीं हैं, तो हो सकता है गाड़ी किसी बड़े एक्सीडेंट में रही हो।

बड़ी दुर्घटना के बाद ठीक की गई कार बाहर से अच्छी दिख सकती है, लेकिन अंदर से कमजोर हो सकती है।

Toyota Fortuner 2026 फेसलिफ्ट: क्या बदला, नई कीमत, माइलेज और फीचर्स की पूरी जानकारी

4. टेस्ट ड्राइव बिना डील फाइनल न करें

कम से कम 10–15 मिनट खुद गाड़ी चलाइए। ट्रैफिक में चलाकर देखें। ब्रेक अचानक लगाकर देखें। गियर बदलते समय झटका तो नहीं लग रहा? स्टीयरिंग एक तरफ खींच तो नहीं रहा? सस्पेंशन से आवाज तो नहीं आ रही? टेस्ट ड्राइव ही असली सच्चाई बताती है।

5. किलोमीटर रीडिंग पर आंख बंद करके भरोसा न करें

कई बार ओडोमीटर की रीडिंग कम दिख सकती है, लेकिन असल में गाड़ी ज्यादा चली होती है। सर्विस रिकॉर्ड देखकर पता लगाएं कि गाड़ी हर साल कितनी चली है। अगर 5 साल पुरानी गाड़ी सिर्फ 20,000 किलोमीटर चली बताई जा रही है, तो थोड़ा शक करना जरूरी है।

6. बाजार कीमत की तुलना जरूर करें

गाड़ी देखने से पहले उसी मॉडल की औसत कीमत ऑनलाइन चेक करें। अगर कोई डील बहुत सस्ती लग रही है, तो वजह जरूर पूछें। कभी-कभी कम कीमत के पीछे बड़ी समस्या छिपी होती है। सही कीमत पर सही गाड़ी लेना ही समझदारी है।

Mahindra Scorpio N 2026 मॉडल आ रही है इस सनस्नाती डिज़ाइन के साथ, देखें तस्वीरे

7. नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया अधूरी न छोड़ें

बहुत लोग पैसे देकर गाड़ी ले लेते हैं और सोचते हैं बाद में नाम ट्रांसफर कर लेंगे। यह बड़ी गलती हो सकती है। जब तक गाड़ी आपके नाम पर ट्रांसफर नहीं होती, तब तक कानूनी जिम्मेदारी पुराने मालिक की नहीं, बल्कि विवाद की स्थिति में आपके सिर पर आ सकती है।

RC ट्रांसफर, इंश्योरेंस अपडेट और सभी कागज़ी काम तुरंत पूरा कराएं।

कुछ छोटी लेकिन काम की सलाह

  • गाड़ी हमेशा दिन के उजाले में देखें

  • जल्दीबाज़ी में फैसला न लें

  • नकद भुगतान से बचें, बैंक ट्रांसफर सुरक्षित है

  • भरोसेमंद डीलर या सीधे मालिक से खरीदें

आखिर में एक जरूरी बात

सेकंड हैंड कार खरीदना गलत नहीं है। बल्कि कई बार यह समझदारी भरा फैसला होता है। लेकिन यह भावनाओं से नहीं, जांच-पड़ताल से लिया गया फैसला होना चाहिए। पहली कार आपके लिए सिर्फ गाड़ी नहीं होती, एक सपना होती है। इसलिए थोड़ी मेहनत करके सही गाड़ी चुनिए. गलत चुनाव आपको सालों तक परेशान कर सकता है, लेकिन सही चुनाव आपको कम बजट में बड़ी खुशी दे सकता है।

नई Maruti Brezza 18km/l के माइलेज के साथ, फीचर्स है भरकर जबकि कीमत है मात्र इतनी

सोच-समझकर कदम उठाइए, और तभी डील फाइनल कीजिए। उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV से मिली ये जानकारी पसंद आई होगी और अगर आपको ऐसे ही एक जानकारी के बारे में जानना है की रोज़ 8 घंटे नींद ना लेने से शरीर पर क्या असर पड़ता है तो यहाँ क्लिक करके पढ़े CLICK HERE

+ posts

Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.

Leave a Comment