गाड़ी में गलत इंजन ऑयल डालने से क्या नुकसान हो सकते हैं? हल्की गलती बन सकती है बड़ा खर्च

हम में से ज्यादातर लोग गाड़ी की सर्विस कराते समय एक बात पर ध्यान नहीं देते — इंजन ऑयल कौन-सा डाला जा रहा है। अक्सर सोचते हैं, “ऑयल तो ऑयल है, फर्क क्या पड़ता है।” लेकिन सच यह है कि गलत इंजन ऑयल आपकी गाड़ी के लिए धीरे-धीरे नुकसानदायक साबित हो सकता है। शुरुआत में कुछ महसूस नहीं होगा, लेकिन कुछ महीनों बाद इंजन की हालत खराब हो सकती है और खर्च भी बड़ा हो सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि गलत इंजन ऑयल डालने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।

इंजन के पार्ट्स जल्दी घिसने लगते हैं

इंजन के अंदर कई छोटे-छोटे पार्ट्स लगातार रगड़ खाते रहते हैं। सही इंजन ऑयल इन पार्ट्स के बीच एक सुरक्षात्मक परत बनाकर उन्हें सुरक्षित रखता है। अगर ऑयल बहुत पतला या बहुत गाढ़ा है, तो यह परत सही तरीके से नहीं बनती। नतीजा यह होता है कि पार्ट्स जल्दी घिसने लगते हैं और इंजन की उम्र कम हो सकती है।

इंजन गर्म होने लगता है

इंजन ऑयल सिर्फ चिकनाई ही नहीं देता, बल्कि गर्मी कम करने में भी मदद करता है। गलत ऑयल इस्तेमाल करने से इंजन ज्यादा गर्म हो सकता है। बार-बार ओवरहीटिंग होने पर इंजन के अंदर गंभीर नुकसान हो सकता है। अगर डैशबोर्ड पर तापमान ज्यादा दिखने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि ऑयल सही काम नहीं कर रहा।

माइलेज पर असर

गलत इंजन ऑयल इंजन को ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर कर देता है। जब इंजन ज्यादा मेहनत करेगा, तो ईंधन भी ज्यादा जलेगा। इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। अगर अचानक गाड़ी कम माइलेज देने लगे, तो यह भी एक संकेत हो सकता है।

अजीब आवाज और कंपन

अगर ऑयल सही नहीं है, तो इंजन के अंदर घर्षण बढ़ जाता है। इससे गाड़ी स्टार्ट करते समय या चलते समय अजीब आवाज आने लग सकती है। कभी-कभी हल्का कंपन भी महसूस हो सकता है। शुरुआत में यह मामूली लगेगा, लेकिन लंबे समय में बड़ी समस्या बन सकता है।

इंजन में गंदगी जमा होना

हर इंजन ऑयल में साफ-सफाई करने की क्षमता होती है। अगर गलत ग्रेड या खराब गुणवत्ता का ऑयल डाला गया है, तो इंजन के अंदर गंदगी और कार्बन जमा हो सकता है। धीरे-धीरे यह जमा परत इंजन की परफॉर्मेंस कम कर सकती है।

वारंटी पर असर

अगर आपकी गाड़ी नई है और वारंटी में है, तो गलत इंजन ऑयल इस्तेमाल करने से कंपनी वारंटी क्लेम खारिज भी कर सकती है। कई कंपनियां साफ लिखती हैं कि तय ग्रेड और कंपनी द्वारा सुझाया गया ऑयल ही इस्तेमाल किया जाए।

बड़ा रिपेयर खर्च

शुरुआत में गलत ऑयल का असर छोटा लगता है, लेकिन लंबे समय में इंजन खोलने तक की नौबत आ सकती है। इंजन रिपेयर का खर्च हजारों नहीं, बल्कि लाखों तक जा सकता है। सिर्फ कुछ सौ रुपये बचाने के चक्कर में बड़ा नुकसान हो सकता है।

सही इंजन ऑयल कैसे चुनें?

  • गाड़ी की मैन्युअल में लिखा ग्रेड देखें, जैसे 5W30 या 10W40

  • कंपनी द्वारा सुझाया गया ऑयल ही डालें

  • बिना ब्रांड वाला या संदिग्ध ऑयल न डालें

  • समय पर ऑयल बदलवाएं

अगर समझ न आए, तो भरोसेमंद सर्विस सेंटर से सलाह लें।

एक छोटी लेकिन जरूरी बात

बहुत बार गैराज में मैकेनिक कह देता है, “सब में यही चलता है। लेकिन हर इंजन अलग होता है। हर गाड़ी के लिए एक खास ग्रेड का ऑयल तय किया जाता है। इंजन ऑयल को हल्के में लेना मतलब गाड़ी की सेहत को हल्के में लेना है।

निष्कर्ष

गलत इंजन ऑयल डालने से इंजन जल्दी घिस सकता है, माइलेज कम हो सकता है, ओवरहीटिंग हो सकती है और बड़ा रिपेयर खर्च सामने आ सकता है. इसलिए अगली बार सर्विस कराते समय सिर्फ बिल पर नहीं, ऑयल के नाम और ग्रेड पर भी ध्यान दीजिए। गाड़ी की सही देखभाल ही उसे लंबे समय तक साथ निभाने लायक बनाती है।

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Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.

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