आजकल बहुत से लोग रात को पूरी नींद नहीं ले पाते। देर तक मोबाइल चलाना, काम का तनाव और अनियमित दिनचर्या इसकी बड़ी वजह है। ऐसे में दिन के समय थोड़ी देर सो लेना कई लोगों को अच्छा लगता है। इसे ही दिन में झपकी लेना कहा जाता है।
लेकिन सवाल यही है— क्या दिन में झपकी लेना सेहत के लिए अच्छा है या इससे नुकसान होता है?
इस लेख में हम बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे कि दिन में झपकी लेने से क्या फायदे होते हैं, क्या नुकसान हो सकते हैं और इसे लेने का सही तरीका क्या है।
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दिन में झपकी क्या होती है
दिन में झपकी का मतलब है दोपहर या दिन के समय थोड़ी देर के लिए सो जाना। यह नींद रात की नींद की जगह नहीं होती। इसका मकसद सिर्फ शरीर और दिमाग को थोड़ा आराम देना होता है।
कुछ लोग इसे आदत बना लेते हैं, जबकि कुछ लोग कभी-कभी थकान होने पर झपकी लेते हैं।

दिन में झपकी लेने के फायदे
दिमाग को आराम मिलता है
थोड़ी देर सोने से दिमाग को आराम मिलता है। इससे सोचने की क्षमता बेहतर हो सकती है। काम करते समय ध्यान ज्यादा लगने लगता है।
थकान कम होती है
अगर रात को नींद पूरी न हुई हो, तो छोटी झपकी शरीर की थकान कम कर सकती है। इससे शरीर हल्का महसूस करता है।
मूड बेहतर रहता है
झपकी लेने के बाद चिड़चिड़ापन कम हो सकता है। मन शांत रहता है और गुस्सा जल्दी नहीं आता।
काम करने की ताकत बढ़ती है
छोटी झपकी लेने के बाद कई लोग खुद को ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं। इससे काम तेजी से और बेहतर तरीके से हो पाता है।
लेकिन झपकी हमेशा फायदेमंद नहीं होती
दिन में झपकी तभी फायदेमंद होती है जब उसे सही समय और सही तरीके से लिया जाए। गलत तरीके से ली गई झपकी नुकसान भी कर सकती है।
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दिन में ज्यादा सोने के नुकसान
रात की नींद खराब हो सकती है
अगर आप दिन में बहुत देर तक सोते हैं, तो रात को नींद आने में दिक्कत हो सकती है।
शरीर में सुस्ती आ सकती है
लंबी झपकी लेने के बाद उठते ही भारीपन महसूस हो सकता है। काम करने का मन नहीं करता।
सिरदर्द हो सकता है
कुछ लोगों को दिन में देर तक सोने के बाद सिरदर्द महसूस होता है।
दिनचर्या बिगड़ सकती है
अगर रोज़ लंबे समय तक झपकी ली जाए, तो पूरा दिन का रूटीन बिगड़ सकता है।
झपकी लेने का सही समय क्या है
दिन में झपकी लेने का सबसे अच्छा समय दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच माना जाता है। इस समय शरीर खुद-ब-खुद थोड़ा सुस्त महसूस करता है।
शाम के समय झपकी लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रात की नींद पर असर पड़ता है।
कितनी देर की झपकी सही है
झपकी की अवधि बहुत जरूरी होती है।
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15 से 20 मिनट की झपकी सबसे अच्छी मानी जाती है
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इससे दिमाग को आराम मिलता है
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उठने के बाद सुस्ती महसूस नहीं होती
30 मिनट से ज्यादा सोने पर शरीर गहरी नींद में चला जाता है, जिससे उठने में परेशानी होती है।
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किन लोगों के लिए झपकी फायदेमंद हो सकती है
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जिनकी रात की नींद पूरी नहीं होती
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जो ज्यादा शारीरिक या दिमागी काम करते हैं
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बुजुर्ग लोग
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शिफ्ट में काम करने वाले लोग
इन लोगों के लिए छोटी झपकी फायदेमंद हो सकती है।

किन लोगों को झपकी से बचना चाहिए
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जिन्हें रात में नींद नहीं आती
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जिन्हें अनिद्रा की समस्या है
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जो दिन में ज्यादा देर तक सोते हैं
इन लोगों के लिए झपकी नुकसानदायक हो सकती है।
झपकी लेने का सही तरीका
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शांत जगह चुनें
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अलार्म लगाएं
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बहुत आरामदायक बिस्तर पर न सोएं
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उठने के बाद थोड़ा पानी पिएं
इन बातों से झपकी का फायदा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
दिन में झपकी लेना न पूरी तरह सही है और न ही पूरी तरह गलत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कब और कितनी देर सोते हैं। अगर झपकी कम समय और सही समय पर ली जाए, तो यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। लेकिन अगर इसे आदत बना लिया जाए, तो यह नुकसान भी कर सकती है। समझदारी और संतुलन के साथ ली गई झपकी ही सेहत के लिए सही मानी जाती है।
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