आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग 6–7 घंटे या उससे भी कम नींद लेकर काम चला लेते हैं। देर रात तक मोबाइल चलाना, वेब सीरीज़ देखना, ऑफिस का काम या सुबह जल्दी उठने की आदत—इन सब वजहों से पूरी नींद लेना मुश्किल हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोज़ 8 घंटे से कम नींद लेना धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकता है?
इस लेख में हम आसान और साफ भाषा में समझेंगे कि कम नींद लेने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्यों सही नींद लेना जरूरी है।
शरीर को नींद की जरूरत क्यों होती है
नींद सिर्फ आराम नहीं है। जब हम सोते हैं, तब शरीर खुद को ठीक करता है। दिमाग दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है, मांसपेशियां आराम करती हैं और हार्मोन संतुलित होते हैं। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो यह पूरी प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।

थकान और सुस्ती
कम नींद लेने का सबसे पहला असर थकान के रूप में दिखाई देता है। सुबह उठते समय शरीर भारी लगता है और दिनभर सुस्ती बनी रहती है। काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो सकता है और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
दिमाग पर असर
रोज़ कम नींद लेने से याददाश्त और ध्यान देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। दिमाग को पूरी तरह आराम नहीं मिलता, जिससे सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
Tata Harrier अब आ रही है इस तगड़े अवतार में, इंजन से लेकर माइलेज तक हर एक चीज़ है धाँसू
लंबे समय तक कम नींद लेने से मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।
वजन बढ़ने की संभावना
कम नींद का असर भूख पर भी पड़ता है। जब शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता, तो कुछ हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं, जिससे ज्यादा भूख लगती है। इस कारण लोग ज्यादा खाना खा लेते हैं और धीरे-धीरे वजन बढ़ सकता है।
दिल और ब्लड प्रेशर पर प्रभाव
रोज़ कम नींद लेने से दिल और रक्तचाप पर भी असर पड़ सकता है। शरीर को आराम न मिलने से तनाव बढ़ता है, जिससे दिल पर दबाव आ सकता है. इसलिए लंबे समय तक नींद की कमी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नई Maruti Brezza 18km/l के माइलेज के साथ, फीचर्स है भरकर जबकि कीमत है मात्र इतनी
रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर
नींद के दौरान शरीर अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इससे छोटी-मोटी बीमारियां जल्दी पकड़ सकती हैं।
त्वचा और चेहरे पर असर
कम नींद का असर चेहरे पर भी दिखाई देता है। आंखों के नीचे काले घेरे, त्वचा का फीका पड़ना और चेहरे पर थकान दिखना आम संकेत हैं। पूरी नींद लेने से त्वचा ताजा और स्वस्थ दिख सकती है।
नींद पूरी न होने के संकेत
अगर आपको ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं, तो यह नींद की कमी का संकेत हो सकता है:
-
सुबह उठते समय थकान
-
दिनभर नींद आना
-
चिड़चिड़ापन
-
ध्यान की कमी
-
सिरदर्द
इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सही नींद कितनी होनी चाहिए
आमतौर पर वयस्क व्यक्ति के लिए 7 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, लेकिन 6 घंटे से कम नींद लंबे समय तक लेना सही नहीं माना जाता।

नींद सुधारने के आसान तरीके
अगर आप बेहतर नींद चाहते हैं, तो कुछ छोटे बदलाव कर सकते हैं:
-
सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी रखें
-
रोज़ एक ही समय पर सोने की आदत डालें
-
रात में हल्का खाना खाएं
-
सोने से पहले शांत माहौल बनाएं
ये छोटे कदम आपकी नींद को बेहतर बना सकते हैं।
नई Maruti Brezza 18km/l के माइलेज के साथ, फीचर्स है भरकर जबकि कीमत है मात्र इतनी
निष्कर्ष
रोज़ 8 घंटे से कम नींद लेना छोटी बात लग सकती है, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ता है। थकान, वजन बढ़ना, तनाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना—ये सब नींद की कमी से जुड़े हो सकते हैं।
अगर आप लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो नींद को प्राथमिकता दें। सही नींद ही स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है। उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV का ये लेख ज़रूर पसंद आया होगा.
Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.
