अगर आप नई SUV खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके दिमाग में सबसे पहले दो नाम ज़रूर आए होंगे – Mahindra Scorpio और Tata Harrier।
दोनों ही गाड़ियाँ दमदार हैं, दोनों की सड़क पर अलग पहचान है और दोनों के चाहने वालों की कोई कमी नहीं। लेकिन जब बात आती है पैसा खर्च करने की, तो सवाल एक ही होता है – आख़िर इनमें से कौनसी गाड़ी ज़्यादा सही रहेगी?
इस सवाल का जवाब “एक लाइन” में देना गलत होगा, क्योंकि स्कॉर्पियो और हैरियर – दोनों का स्वभाव, इस्तेमाल और सोच अलग है। आइए इसे बिल्कुल आसान और साफ भाषा में समझते हैं।
सबसे पहले समझिए – आप SUV क्यों खरीद रहे हैं
यहीं से असली फर्क शुरू होता है। हर SUV हर इंसान के लिए नहीं बनी होती।

अगर आप चाहते हैं:
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दमदार लुक
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ऊंची बैठने की पोजिशन
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गांव-कस्बों, खराब सड़कों पर बेफिक्र ड्राइव
तो आपकी पसंद स्कॉर्पियो की तरफ जाती है।
लेकिन अगर आप चाहते हैं:
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शहर में स्मूद ड्राइव
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हाईवे पर आराम
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प्रीमियम फील और फैमिली कम्फर्ट
तो हैरियर ज़्यादा समझदारी भरा विकल्प बनती है।
डिज़ाइन और रोड प्रेजेंस – किसका दबदबा ज़्यादा?
महिंद्रा स्कॉर्पियो को देखकर पहली चीज़ जो दिमाग में आती है, वो है “रौब”।ऊंचा कद, सीधा-सादा लेकिन मस्क्युलर डिजाइन और सड़क पर एक अलग ही मौजूदगी। स्कॉर्पियो आज भी उन लोगों की पसंद है, जिन्हें गाड़ी से ताकत और दबदबा चाहिए।
वहीं टाटा हैरियर थोड़ा अलग सोच के साथ आती है। इसका डिजाइन ज़्यादा मॉडर्न, शार्प और प्रीमियम लगता है। यह गाड़ी दिखावे से ज्यादा क्लास पर फोकस करती है।
सीधे शब्दों में:
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स्कॉर्पियो – देसी, दमदार और रफ-टफ
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हैरियर – स्लीक, मॉडर्न और प्रीमियम
इंजन और ड्राइविंग अनुभव
यहां दोनों गाड़ियों की सोच साफ नज़र आती है। स्कॉर्पियो में आपको ज्यादा रफ-टफ ड्राइविंग का अनुभव मिलता है। खराब रास्ते, ऊबड़-खाबड़ सड़कें और गांव के रास्ते – स्कॉर्पियो इन जगहों पर खुद को ज्यादा आराम से महसूस करती है।

हैरियर की ड्राइविंग ज़्यादा स्मूद और कंट्रोल्ड है। हाईवे पर गाड़ी स्थिर रहती है, स्टीयरिंग हल्का महसूस होता है और लंबी दूरी पर थकान कम होती है।
अगर आप रोज़ाना शहर में गाड़ी चलाने वाले हैं, तो हैरियर ज़्यादा आरामदेह लगेगी। अगर आपकी ड्राइविंग में खराब सड़कें ज़्यादा हैं, तो स्कॉर्पियो ज़्यादा भरोसेमंद लगेगी।
केबिन और कम्फर्ट – परिवार के लिए कौन बेहतर?
यहां हैरियर साफ तौर पर आगे निकल जाती है। हैरियर का केबिन ज्यादा शांत, सॉफ्ट और प्रीमियम फील देता है। सीटें लंबी यात्राओं के लिए बेहतर हैं और पीछे बैठने वालों को भी आराम मिलता है। स्कॉर्पियो का केबिन मजबूत जरूर है, लेकिन थोड़ा रफ फील देता है। यह उन लोगों को ज्यादा पसंद आती है, जिन्हें “SUV वाली फील” चाहिए, न कि लग्ज़री।
फैमिली के हिसाब से:
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए हैरियर बेहतर
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युवाओं और रफ-यूज़ के लिए स्कॉर्पियो सही
माइलेज और रोज़ का खर्च
दोनों गाड़ियों में माइलेज का फर्क बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन हैरियर थोड़ा ज्यादा संतुलित मानी जाती है। हैरियर शहर और हाईवे – दोनों में ठीक-ठाक माइलेज देती है।स्कॉर्पियो भारी बॉडी और रफ सेट-अप की वजह से थोड़ा ज्यादा ईंधन लेती है, खासकर शहर में। अगर आपकी प्राथमिकता कम खर्च और स्मूद ड्राइव है, तो हैरियर आगे निकलती है।

सेफ्टी और भरोसा
टाटा की गाड़ियों की पहचान ही मजबूत बॉडी और सेफ्टी से जुड़ी रही है। हैरियर इसी वजह से फैमिली कार के तौर पर ज्यादा भरोसेमंद मानी जाती है स्कॉर्पियो भी मजबूत है, लेकिन उसकी छवि ज़्यादा पावर और रोड प्रेजेंस पर टिकी हुई है।
आख़िर कौनसी गाड़ी है आपके लिए सही?
अब असली जवाब:
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अगर आप चाहते हैं दमदार लुक, ऊंची ड्राइविंग, खराब सड़कों पर भरोसा और क्लासिक SUV फील, तो महिंद्रा स्कॉर्पियो आपके लिए सही है।
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अगर आप चाहते हैं आरामदायक ड्राइव, प्रीमियम केबिन, फैमिली कम्फर्ट और संतुलित इस्तेमाल, तो टाटा हैरियर ज़्यादा समझदारी भरा चुनाव है।
निष्कर्ष
महिंद्रा स्कॉर्पियो और टाटा हैरियर – दोनों ही अपनी जगह शानदार गाड़ियाँ हैं। फर्क बस इतना है कि एक दिल से खरीदी जाती है और दूसरी दिमाग से।
गलत कोई नहीं है, बस आपकी ज़रूरत तय करती है कि आपके लिए कौनसी “सबसे बढ़िया” है।
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