बहुत से लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उम्र निकलती जा रही है, रिश्ते आते हैं लेकिन बात बन नहीं पाती। कभी कुंडली का मामला आड़े आता है, तो कभी घरवालों की सहमति नहीं बनती। ऐसे में लोग तरह-तरह के उपाय तलाशते हैं। कोई मंदिर जाता है, कोई व्रत रखता है, तो कोई खास पूजा-पाठ करता है। भारतीय परंपरा में भोलेनाथ को जल्दी प्रसन्न होने वाला देव माना जाता है, और सोमवार का दिन उन्हें समर्पित होता है।
सोमवार और भोलेनाथ का खास संबंध
सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा जल्दी फल देती है। कई लोग बताते हैं कि जब उन्होंने लगातार कुछ सोमवार शिवजी की पूजा की, तो उनकी जिंदगी में रुकी हुई बातें धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगीं। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि मन की शांति और सकारात्मक सोच का असर भी हो सकता है।

शादी में देरी होने पर लोग क्यों करते हैं शिव पूजा
भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं होती, बल्कि दो परिवारों का मेल होती है। जब बात बार-बार टूटती है, तो इंसान अंदर से टूटने लगता है। ऐसे समय में लोग किसी ऐसे सहारे की तलाश करते हैं, जो उन्हें उम्मीद दे सके। भोलेनाथ को करुणा और सरलता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए लोग उनसे अपनी मन की बात खुलकर कहते हैं।
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सीधी भाषा में समझें तो पूजा का तरीका
अगर आप भी सोमवार को भोलेनाथ की पूजा करना चाहते हैं, तो बहुत भारी-भरकम नियमों की जरूरत नहीं होती। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
साफ कपड़े पहनें और मन को शांत रखें। घर में या मंदिर में शिवलिंग के पास बैठकर जल चढ़ाएं। अगर गंगाजल न हो तो साफ पानी भी पर्याप्त माना जाता है। इसके बाद बेलपत्र, फूल और थोड़ी धूप दिखाएं। मन में अपनी इच्छा साफ शब्दों में कहें, जैसे किसी अपने से बात कर रहे हों।
क्या खास मंत्र ज़रूरी होते हैं?
अक्सर लोग सोचते हैं कि बिना सही मंत्र के पूजा अधूरी रहती है। लेकिन जानकारों के मुताबिक, भोलेनाथ को सच्चा भाव ज्यादा प्रिय है। आप “ॐ नमः शिवाय” का जाप कर सकते हैं। अगर ज्यादा मंत्र याद न हों, तो बस उनका नाम लेकर मन से प्रार्थना करना भी काफी माना जाता है।
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कितने सोमवार तक करें पूजा?
इस बारे में अलग-अलग मान्यताएं हैं। कुछ लोग 5 सोमवार की पूजा करते हैं, कुछ 11 या 16 सोमवार तक व्रत रखते हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग एक तय संख्या में सोमवार पूरे करने का संकल्प लेते हैं। इससे उनके मन में एक अनुशासन और उम्मीद बनी रहती है।

क्या व्रत रखना जरूरी है?
व्रत रखना पूरी तरह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है। अगर सेहत ठीक न हो या काम की मजबूरी हो, तो सिर्फ पूजा करना भी ठीक माना जाता है। कई लोग हल्का फलाहार रखते हैं। तो कुछ लोग सिर्फ दिन में एक समय खाना खाते हैं। यह सब आपकी क्षमता और विश्वास पर टिका होता है।
पूजा से मन को क्या फायदा मिलता है
पूजा-पाठ का सबसे बड़ा असर मन पर पड़ता है। जब इंसान रोज़ या हर सोमवार किसी एक चीज़ पर ध्यान देता है, तो उसका डर और तनाव कम होने लगता है। शादी को लेकर जो घबराहट रहती है, वो धीरे-धीरे कम होती है। आप ज्यादा आत्मविश्वास के साथ रिश्तों की बात करने लगते हैं।
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क्या सच में शादी जल्दी हो जाती है?
इस सवाल का जवाब हर किसी के लिए अलग हो सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि पूजा के बाद उनकी शादी की बात तेजी से बनी। तो कुछ लोग इसे संयोग और सही समय का मेल मानते हैं। यह कहना मुश्किल है कि सिर्फ पूजा से ही सब हो जाता है। लेकिन इतना जरूर है कि पूजा से मन मजबूत होता है और नकारात्मक सोच कम होती है।
परिवार के साथ पूजा करने का असर
अगर घर के बाकी लोग भी आपके साथ पूजा में शामिल हों, तो माहौल और सकारात्मक हो जाता है। इससे रिश्तों में भी अपनापन बढ़ता है। अक्सर देखा गया है कि जब घर में शांति और समझ बढ़ती है, तो शादी की बातें भी आसानी से आगे बढ़ती हैं।
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निष्कर्ष
अगर आपकी शादी में देरी हो रही है, तो सोमवार को भोलेनाथ की पूजा करना एक भरोसेमंद और सुकून देने वाला रास्ता हो सकता है। यह कोई जादू नहीं है, लेकिन मन को मजबूत करने और उम्मीद बनाए रखने का तरीका जरूर है। अक्सर ऐसा माना जाता है कि जब इंसान खुद शांत होता है, तो उसकी जिंदगी में भी चीज़ें धीरे-धीरे सही होने लगती हैं। इसलिए पूजा के साथ-साथ धैर्य रखना और सही मौके का इंतजार करना भी जरूरी है। उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV की यह जानकारी पसंद आई होगी।
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