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शिव पुराण के अनुसार महाकाल इन 7 पापों के लिए देते हैं कठोर सजा, नहीं मिलती माफी

महाकाल यानी भगवान शिव को और भी काफी नामों से पुकारा जाता है एवं जब भी कोई इंसान पर किसी प्रकार की विपदा आती है तो उससे निकलने के लिए भगवान शिव को याद किया जाता है ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव सबसे पहले खुश हो जाते हैं और अपने भक्तों की समस्याओं को दूर करते हैं। इसी कारण भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है। इंसान को हर कठिनाई और विपदा से बचाने वाले भगवान शिव हैं। लेकिन शिव पुराण के अनुसार इंसानों के द्वारा किए जाने वाले कुछ पापों को भगवान शिव भी माफ नहीं करते है । और इसके लिए कठोर सजा देते हैं इसलिए आप भूल कर भी ऐसे पाप ना करें

1. बुरी सोच रखने वाले

शिव पुराण के अनुसार ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों की सोच बुरी होती है उन्हें महाकाल कभी माफ नहीं करते हैं एवं सजा देते हैं इसलिए जहां तक हो सके अपनी सोच को पवित्र और शुद्ध रखें और किसी भी अन्य व्यक्तियों के बारे में बुरा ना सोचें। शिव पुराण के अनुसार बुरी सोच रखने पर महाकाल जरूर सजा देते हैं।

2. पैसों की धोखेबाजी करना

शिव पुराण के अनुसार जो व्यक्ति पैसों की धोखाधड़ी अथवा धोखेबाजी करते हैं तथा किसी अन्य लोगों की संपत्ति को हड़पने का प्रयास करते हैं वह पाप के भागी होते हैं और ऐसे लोगों को महाकाल जरूर सजा देते हैं इसलिए जीवन में भूलकर भी ऐसी गलती ना करें और किसी व्यक्ति के साथ पैसों को लेकर धोखेबाजी करने से बचें।

3. दूसरों को कष्ट देना

जीवन में खुद के स्वार्थ के लिए किसी अन्य व्यक्ति को कष्ट देना भी एक पाप है तो किसी व्यक्ति को कष्ट देकर खुद को पाप का भागीदार ना बनाएं एवं ऐसा करने से बचें। दूसरों को कष्ट देने वाले व्यक्ति को महाकाल सजा देते हैं और माफ नहीं करते हैं।

4. गर्भवती महिला का अपमान

शिव पुराण के अनुसार किसी भी गर्भवती महिला का अपमान करना एवं उस महिला के साथ गलत तरीके का व्यवहार करना एक पाप है। महाकाल ऐसे लोगों को जरूर सजा देते हैं एवं ऐसे लोग नर्क के भागीदार होते हैं इसलिए जीवन में कभी भी किसी गर्भवती महिला का अपमान ना करें एवं उसे कष्ट ना दें।

5. झूठ बोलना और अफवाह फैलाना

महाकाल ऐसे लोगों को जरूर सजा देते हैं जो लोग झूठ बोलते हैं एवं समाज में गलत अफवाह एवं गलत अवधारणा ही फैलाते हैं जो लोग दूसरों को बदनाम करने का प्रयास करते हैं वह लोग पाप के भागीदार होते हैं इसलिए किसी से कभी झूठ ना बोलें एवं कोई गलत अफवाह ना फैलाएं ऐसा करके महाकाल के दंड से बच सकते हैं।

6. शादी के बंधन को तोड़ना

शादी को एक पवित्र बंधन माना जाता है इसलिए जो लोग ऐसे पवित्र बंधन को तुड़वाने का प्रयास करते हैं वे लोग पाप के भागी होते हैं। ऐसे लोगों को महाकाल जरूर सजा देते हैं।

7. धर्म के विरुद्ध बोलना

धर्म के खिलाफ बोलने वाले लोग पाप के भागी होते हैं ऐसे लोगों को महाकाल जरूर सजा देते हैं इसलिए कभी भी धर्म के खिलाफ ना बोलें और ना ही धर्म के खिलाफ चलें ऐसा करके महाकाल के प्रकोप से बचा जा सकता है।

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