जब भी नरेंद्र मोदी किसी कार्यक्रम में जाते हैं, तो लोग सिर्फ उनका भाषण ही नहीं, बल्कि उनके काफ़िले को भी ध्यान से देखते हैं। सड़क के दोनों तरफ़ लोग रुक जाते हैं, गाड़ियाँ एक लाइन में तेज़ी से निकलती हैं और पूरे माहौल में अलग ही अनुशासन दिखता है। ऐसे में आम लोगों के मन में एक सवाल ज़रूर आता है—आख़िर मोदी जी के काफ़िले में कुल कितनी गाड़ियाँ चलती हैं?

प्रधानमंत्री का काफ़िला इतना खास क्यों होता है
प्रधानमंत्री देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होते हैं। उनकी सुरक्षा सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की ज़िम्मेदारी मानी जाती है। इसलिए उनके काफ़िले की व्यवस्था आम VIP काफ़िले से काफ़ी अलग और ज़्यादा सख़्त होती है।
इस सुरक्षा की ज़िम्मेदारी SPG के पास होती है, जो हर मूवमेंट को पहले से प्लान करती है।
काफ़िले में कितनी गाड़ियाँ चलती हैं
आम तौर पर प्रधानमंत्री के काफ़िले में लगभग 20 से 30 गाड़ियाँ शामिल होती हैं। यह संख्या कभी-कभी जगह, कार्यक्रम और सुरक्षा स्तर के हिसाब से कम या ज़्यादा भी हो सकती है।
इन गाड़ियों में शामिल होती हैं:
- आगे चलने वाली पायलट गाड़ियाँ
- सुरक्षा बलों की गाड़ियाँ
- संचार और तकनीकी सपोर्ट वाली गाड़ियाँ
- और बीच में प्रधानमंत्री की विशेष बुलेटप्रूफ कार
यह सब कुछ इस तरह से चलता है कि बाहर से देखने पर सब एकदम सलीके से चलता हुआ लगता है।
मोदी जी किस गाड़ी में चलते हैं?
मोदी जी आम तौर पर पूरी तरह बुलेटप्रूफ और खास तौर पर तैयार की गई गाड़ी में चलते हैं। यह गाड़ी आम कारों जैसी नहीं होती—इसे खास सुरक्षा मानकों के हिसाब से बनाया जाता है।
इस गाड़ी में बैठे व्यक्ति को बाहर की हलचल का ज़्यादा एहसास नहीं होता, लेकिन अंदर से हर पल की निगरानी की जाती है।

हर दौरे में काफ़िला क्यों बदल जाता है?
बहुत लोग सोचते हैं कि काफ़िला हर बार एक जैसा ही रहता होगा, लेकिन ऐसा नहीं है।
कभी शहर छोटा हो, कभी खुला मैदान हो या कभी भीड़ ज़्यादा हो—इन सब बातों को देखकर गाड़ियों की संख्या और व्यवस्था बदली जाती है। यही वजह है कि हर दौरा अलग होता है।
आम आदमी को क्या सीख मिलती है?
मोदी जी के काफ़िले से यह साफ दिखता है कि सुरक्षा, अनुशासन और योजना कितनी ज़रूरी होती है।
यह सिर्फ ताक़त दिखाने का मामला नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी निभाने का तरीका है।
आख़िरी बात
मोदी जी के काफ़िले में चलने वाली गाड़ियाँ सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और भरोसे का प्रतीक हैं।करीब 20–30 गाड़ियों का यह काफ़िला हर बार चुपचाप अपना काम करता है—बिना शोर, बिना दिखावे के। उम्मीद है thegyantv.com पर पढ़ी यह जानकारी आपको पूरी तरह अच्छी लगी होगी और ऐसी ही रोचक और सच्ची जानकारियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए
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