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अपने पहले बच्चे का चेहरा भी नहीं देख पाए थे शहीद केशव गोसावी, पढ़े उनकी दर्दभरी दास्तान

पूरा देश आज 75 वा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। वही देश के लिए शहीद हुए भारत के सैनिकों के घर वाले अपने पति, बेटे, भाई की मीठी यादें अपने दिल में संजोए बैठे हैं। आपको बताना चाहेंगे कि स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर आज इंडियन आइडल का ग्रांड फिनाले हो रहा है। इस समय भारत के लिए शहीद हुए केशव गोसावी की पत्नी को सब मिलकर हिम्मत दे रहे हैं। केशव 2018 में पाकिस्तान के साथ लड़ते हुए शहीद हो गए थे। आज बस उनकी मीठी यादें रह गई है।

शहीद हुए उस वक्त 8 महीने की थी प्रेग्नेंट

जिस वक्त केशव गोसावी शहीद हुए थे उस समय उनकी पत्नी के पेट में उनका 8 महीने का बच्चा था। वह अपने बच्चे का चेहरा भी नहीं देख पाए थे। उनकी पत्नी ने बताया कि जब वह शहीद हुए तो मेरे पास फोन आया था तो वह फोन कॉल मैं आज तक नहीं भूली हूं।

आज 2 साल हो गए हैं

शहीद के शो की पत्नी ने आज इस शो पर खुलकर बात करते हुए अपने जीवन के बारे में कुछ बातें बताई। उन्होंने कहा कि आज उन्हें गए हुए 2 साल से भी ज्यादा हो गए हैं लेकिन आज भी हमें उनकी बहुत याद आती है। उनकी पत्नी ने आगे बात करते हुए कहा कि उन्होंने शहीद होने से पहले मुझे फोन किया था और मुझे लड्डू बनाने के लिए कहा था। मेरी डिलीवरी के लिए मुझे मेरी मां के घर भी जाना था। लेकिन जिस दिन मैं मेरी मां के घर जाने वाली थी उस दिन शाम को उनका कोई फोन कॉल नहीं आया। मैंने उनसे बात करने की बहुत कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई क्योंकि वहां नेटवर्क बहुत कम आता है।

शाम को जब घर पर कमाने से फोन आया तो उन्होंने जैसे ही मेरी आवाज सुनी तो मुझे कहा कि आपके पास जो भी है उनको फोन दीजिए। उस समय मेरे पास मेरे पड़ोसी थे उन्होंने मेरे पड़ोसी को बताया कि मेरे पति अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। लेकिन मुझे इस बात की किसी ने जानकारी नहीं दी थोड़ी देर बाद मुझे जब इस बात का पता चला तुम मुझे यह सुनकर बिल्कुल भी यकीन नहीं हुआ था। लेकिन जब अगली सुबह उनको लेकर आए और मैंने उनका चेहरा देखा तो मैं एकदम से टूट गई। वह हमेशा ही चाहते थे कि वह मेरी डिलीवरी के टाइम पर मेरे साथ रहे मेरे मेरे साथ समय बताएं लेकिन ऐसा कभी नहीं हो पाया।

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि वो मेरे लिए हमेशा ही प्रेरणा थे। मेरी बेटी काव्या आज 2 साल की हो चुकी है मैं चाहती हूं कि मैं भारत के लिए आर्मी में जाऊं और पाकिस्तान जाकर अपने पति का बदला लेकर आऊं। उनके दर्द भरी दास्तान सुनकर सबकी आंखों में आंसू थे।

शहीद केशव गोसावी को दिल से नमन

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