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13 साल की बेटी ने देश का नाम किया विश्व में ऊंचा, 84 सेकंड में 84 टाइल्स तोड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

आज के समय में भारत की बेटियां किसी से कम नहीं है। लगातार वह हर क्षेत्र में अपना अच्छा सहयोग दे रही हैं। चाय फिर ओलंपिक की बात कर लो या फिर सेना के क्षेत्र में भी भारत की बेटियां अपना अमूल्य योगदान दे रही हैं। ऐसी ही एक भारत की बेटी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। आपको बताना चाहेंगे कि 13 साल की इस लड़की ने 84 सेकंड में 84 सिरेमिक टाइल्स तोड़कर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 13 साल की है लड़की हैदराबाद की रहने वाली है।

तेलंगाना स्थापना दिवस पर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

आपकी जानकारी के लिए आपको बताना चाहेंगे कि 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर हैदराबाद की रहने वाली ब्लैक बेल्ट धारक संतोषनी रेडी मैं कहा कि वह 84 सिरेमिक टाइल्स तोडेंगी। उनका 84 सिरेमिक टाइल्स तोड़ने का फैसला देखा कि तेलंगाना की स्थापना को उस दिन 84 महीने होने को थे।

विश्व रिकॉर्ड बनाने का किया था फैसला

जैसा कि हमने आपको बताया है कि उन्होंने मात्र 84 सेकंड में 84 सेरेमिक टाइल्स तोड़ी है यह रिकॉर्डिंग का विश्व रिकॉर्ड बन गया है। आपको बताना चाहिए कि यह कारनामा करने से पहले उन्होंने लगातार पांच से छह महीने कठिन परिश्रम और अभ्यास किया है। जिसके बाद वह एक नया रिकॉर्ड बनाने मैं कामयाब रही।

पहले भी हैं कई रिकॉर्ड नाम

आपको बताना चाहेंगे कि संतोषीनी के नाम पहले भी बहुत सारे रिकॉर्ड हैं। इससे पहले भी एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने अपने सर को बाएं से दाएं पूरा घुमा दिया था। गॉड को बनाने के लिए उन्होंने 39 मिनट का टाइम लिया था। यह रिकार्ड उन्होंने साल 2012 में अपने नाम किया था। संतोषीनी ने कहा कि उन्होंने 39 मिनट में 3315 बार अपना शहर दाएं से बाएं घुमाया था। उनके द्वारा यह किया गया रिकॉर्ड विश्व रिकॉर्ड है।

आईएएस ऑफिसर बनने का है सपना

उन्होंने बताया कि अब उनका आगे का सपना खेल में अपना नाम बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए खेलना है। वह चाहती हैं कि वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल लेकर आएं। आगे बताते हुए कहा कि वह आईएएस अधिकारी भी बनना चाहती हैं। उसके लिए वह अपनी पढ़ाई को जारी रख रही है और कड़ी मेहनत भी कर रही हैं।

पिता ने कहा बेटियों पर है गर्व

उनके पिता का कहना है कि मुझे अपनी दोनों बेटियों पर काफी गर्व है उन्होंने अब तक मेरे लिए बहुत सारे पुरस्कार हासिल किए हैं। पुरस्कारों के साथ-साथ उन्होंने कई अनोखे रिकॉर्ड भी बनाए हैं जो मेरे लिए काफी गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि कराटे एक व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास को जन्म देता है।

 

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