यह सवाल आज बहुत आम हो गया है। आपके पास लगभग 30–40 हजार का बजट है। एक तरफ 5 साल पुराना iPhone मिल रहा है, जो कभी फ्लैगशिप था। दूसरी तरफ उसी कीमत में नया Android फोन, जिसमें लेटेस्ट फीचर और बड़ी बैटरी है।
तो समझदारी किसमें है? ब्रांड और स्टेटस में, या नई टेक्नोलॉजी और लंबी बैटरी लाइफ में? आइए इसे साफ-साफ समझते हैं।
परफॉर्मेंस: पुराना फ्लैगशिप बनाम नया मिड-रेंज
iPhone का फायदा यह है कि भले वह 5 साल पुराना हो, लेकिन उसका प्रोसेसर अपने समय का टॉप लेवल होता है। आज भी कई पुराने iPhone रोजमर्रा के काम, सोशल मीडिया और हल्की गेमिंग आसानी से संभाल लेते हैं।
लेकिन समस्या यह है कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदलती है। 5 साल पुराना प्रोसेसर आज के ऐप्स और गेम्स के लिए उतना ऑप्टिमाइज़ नहीं होता जितना नया फोन होता है। नया Android फोन भले फ्लैगशिप न हो, लेकिन उसमें नया चिपसेट और बेहतर बैटरी ऑप्टिमाइजेशन मिल सकता है।

अगर आपका उपयोग सामान्य है, तो पुराना iPhone भी काम चला सकता है। लेकिन अगर आप हैवी गेमिंग या लंबे समय तक फोन रखने का सोच रहे हैं, तो नया डिवाइस ज्यादा समझदारी हो सकता है।
सॉफ्टवेयर अपडेट और भविष्य
iPhone की सबसे बड़ी ताकत उसका लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट है। 5 साल पुराने मॉडल को भी कई बार अपडेट मिलते रहे हैं। लेकिन हर डिवाइस की एक सीमा होती है। अगर वह मॉडल अब अपने आखिरी अपडेट पर है, तो आगे सुरक्षा और फीचर अपडेट बंद हो सकते हैं।
वहीं नया Android फोन अगर अच्छे ब्रांड का है, तो उसे 3–4 साल तक अपडेट मिल सकते हैं। यह भविष्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है. यहां फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आप फोन कितने साल चलाना चाहते हैं।
बैटरी और हार्डवेयर की असली हालत
यह सबसे अहम हिस्सा है। 5 साल पुराना iPhone चाहे कितना भी संभालकर रखा गया हो, उसकी बैटरी पहले जैसी नहीं रहेगी। बैटरी हेल्थ गिर चुकी होगी। हो सकता है दिन में दो बार चार्ज करना पड़े।
नए Android फोन में बड़ी बैटरी मिलती है, जो आसानी से पूरा दिन निकाल देती है। साथ ही फास्ट चार्जिंग भी ज्यादा तेज होती है। अगर आप लंबे बैकअप और कम झंझट चाहते हैं, तो नया फोन ज्यादा आराम देगा।
कैमरा तुलना
iPhone का कैमरा हमेशा से संतुलित और नैचुरल फोटो के लिए जाना जाता है। 5 साल पुराना मॉडल भी दिन की रोशनी में अच्छी तस्वीरें दे सकता है।
लेकिन नए Android फोन में ज्यादा मेगापिक्सल, नाइट मोड और कई अतिरिक्त फीचर मिलते हैं। हालांकि मेगापिक्सल ही सब कुछ नहीं होता, लेकिन टेक्नोलॉजी में सुधार हुआ है। अगर आप सोशल मीडिया के लिए फोटो लेते हैं, तो दोनों काम चलाएंगे। लेकिन नए फोन में फीचर ज्यादा मिलेंगे।
स्टेटस बनाम प्रैक्टिकलिटी
यह सच है कि iPhone का अपना एक स्टेटस है। कई लोग ब्रांड के लिए iPhone चुनते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ लोगो के लिए 5 साल पुरानी टेक्नोलॉजी लेना सही है? अगर आपकी प्राथमिकता प्रैक्टिकल उपयोग, बैटरी लाइफ और नई टेक्नोलॉजी है, तो नया Android ज्यादा संतुलित विकल्प हो सकता है।
रिसेल वैल्यू
iPhone की रिसेल वैल्यू आमतौर पर अच्छी रहती है। लेकिन 5 साल पुराने मॉडल की वैल्यू पहले ही काफी गिर चुकी होती है। नया Android फोन अगर आप 2–3 साल बाद बेचेंगे, तो उसकी भी कीमत कम होगी। यहां बड़ा फर्क नहीं पड़ता।

किसके लिए क्या सही है?
अगर आप चाहते हैं:
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स्मूद सॉफ्टवेयर अनुभव
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iOS इकोसिस्टम
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ब्रांड वैल्यू
तो पुराना iPhone चुन सकते हैं, लेकिन बैटरी और भविष्य के अपडेट का ध्यान रखें।
अगर आप चाहते हैं:
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नई टेक्नोलॉजी
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बेहतर बैटरी
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ज्यादा फीचर
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लंबा उपयोग
तो नया Android फोन ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
निष्कर्ष
5 साल पुराना iPhone लेना गलत नहीं है, लेकिन यह समझदारी हर किसी के लिए नहीं है। अगर फोन अच्छी कंडीशन में है और अपडेट सपोर्ट बाकी है, तो ठीक है।
लेकिन ज्यादातर मामलों में नया Android फोन अधिक प्रैक्टिकल, संतुलित और भविष्य के लिए सुरक्षित विकल्प साबित होता है। अंत में फैसला आपके उपयोग और प्राथमिकता पर निर्भर करता है — स्टेटस या सुविधा। उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV का ये लेख ज़रूर पसंद आया होगा.
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