अगर खरीदना चाहते हो भारत में Rolls Royce तो करना होगा यह काम, देना होगा इतना टैक्स

आजकल बहुत से लोग लग्ज़री कारों का सपना देखते हैं और उनमें Rolls Royce का नाम सबसे ऊपर आता है। इसकी गाड़ियों को देखकर ही अंदाज़ा लग जाता है कि ये आम कार नहीं, बल्कि रॉयल क्लास की पहचान हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत में Rolls Royce खरीदना वाकई उतना ही आसान है जितना देखने में लगता है? बहुत से लोग सोचते हैं कि बस पैसे दो और कार घर ले आओ, लेकिन असलियत थोड़ी अलग है। भारत में Rolls Royce खरीदने के लिए सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि कई तरह के टैक्स और कानूनी औपचारिकताओं का भी सामना करना पड़ता है।

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Rolls Royce की असली कीमत क्या होती है?

Rolls Royce की कारें भारत में आम कारों से कई गुना महंगी होती हैं। इसकी शुरुआती कीमत ही करोड़ों में जाती है और मॉडल के हिसाब से कीमत और भी बढ़ जाती है। कुछ मॉडल तो ऐसे हैं जिनकी कीमत 7–8 करोड़ रुपये से भी ऊपर चली जाती है। लेकिन यह सिर्फ कार की बेस कीमत होती है। इसमें टैक्स, रजिस्ट्रेशन और दूसरे खर्च जोड़ने के बाद कुल रकम काफी ज्यादा हो जाती है। इसलिए कई लोग कार की कीमत देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन बाद में टैक्स का आंकड़ा देखकर हैरान रह जाते हैं।

भारत में इतना ज़्यादा टैक्स क्यों लगता है?

भारत में विदेशी लग्ज़री कारों पर भारी टैक्स लगाया जाता है। इसका मकसद यह होता है कि देश में बनी कारों को बढ़ावा मिले और बाहर से आने वाली महंगी गाड़ियों पर नियंत्रण रखा जाए। Rolls Royce जैसी कारें पूरी तरह बाहर से आयात होती हैं। इसलिए इन पर आयात शुल्क, जीएसटी और सेस जैसे कई टैक्स लगते हैं। यही वजह है कि जो कार विदेश में सस्ती लगती है, वही भारत में आकर कई गुना महंगी हो जाती है।

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कुल मिलाकर टैक्स कितना देना पड़ता है?

अगर आसान भाषा में समझें तो Rolls Royce जैसी कार पर 100 फीसदी से भी ज्यादा टैक्स लग सकता है। इसमें आयात शुल्क, जीएसटी और दूसरे सरकारी शुल्क शामिल होते हैं। मतलब अगर किसी मॉडल की विदेश में कीमत 3 करोड़ रुपये है, तो भारत में वही कार 6–7 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। अलग-अलग मॉडल और इंजन साइज के हिसाब से टैक्स का आंकड़ा थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन कुल रकम हमेशा बहुत बड़ी होती है।

भारत में Rolls Royce खरीदने की प्रक्रिया क्या है?

भारत में Rolls Royce खरीदने के लिए आपको कंपनी के आधिकारिक डीलर से संपर्क करना पड़ता है। भारत में Rolls Royce के शोरूम बहुत कम शहरों में हैं, जैसे मुंबई और दिल्ली। ग्राहक पहले मॉडल चुनता है, फिर अपनी पसंद के रंग, इंटीरियर और फीचर्स तय करता है। इसके बाद कंपनी ऑर्डर बुक करती है और कार विदेश में तैयार होती है। इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं।

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सिर्फ पैसे नहीं, कागज़ी काम भी जरूरी है

Rolls Royce खरीदने में सिर्फ पैसा देना ही काफी नहीं होता। इसके लिए कई सरकारी कागज़ी काम भी पूरे करने पड़ते हैं। कार आयात होने के बाद उसे कस्टम क्लीयरेंस से गुजरना पड़ता है। इसके बाद आरटीओ में रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स और बीमा जैसी चीजें करानी होती हैं। इन सब में समय भी लगता है और खर्च भी बढ़ जाता है।

क्या हर कोई Rolls Royce खरीद सकता है?

कागज़ी तौर पर देखा जाए तो भारत में कोई भी व्यक्ति Rolls Royce खरीद सकता है, बशर्ते उसके पास वैध दस्तावेज़ और पूरा भुगतान करने की क्षमता हो। लेकिन हकीकत में यह कार बहुत सीमित लोगों के लिए ही होती है। भारी टैक्स और मेंटेनेंस खर्च इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर देता है।

मेंटेनेंस का खर्च भी कम नहीं होता

Rolls Royce खरीदने के बाद कहानी खत्म नहीं होती। इसकी सर्विस और मेंटेनेंस का खर्च भी काफी ज्यादा होता है। इसके पार्ट्स विदेश से आते हैं और सर्विस सेंटर भी बहुत कम हैं। इसलिए हर छोटी-मोटी मरम्मत पर भी लाखों रुपये का खर्च आ सकता है।

लोग फिर भी Rolls Royce क्यों खरीदते हैं?

इतना टैक्स और खर्च होने के बावजूद लोग Rolls Royce खरीदते हैं। इसकी वजह सिर्फ कार नहीं, बल्कि उसकी पहचान होती है। Rolls Royce को स्टेटस सिंबल माना जाता है। इसे खरीदना यह दिखाता है कि इंसान अपनी ज़िंदगी में एक खास मुकाम तक पहुंच चुका है।

खरीदने से पहले क्या सोचना चाहिए?

अगर आप सच में भारत में Rolls Royce खरीदने का सोच रहे हैं, तो सिर्फ कीमत देखकर फैसला न करें। टैक्स, मेंटेनेंस, सर्विस नेटवर्क और कानूनी प्रक्रिया – सब कुछ पहले अच्छे से समझ लें। कई बार लोग कार तो ले लेते हैं, लेकिन बाद में उसके खर्च से परेशान हो जाते हैं।

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निष्कर्ष

भारत में Rolls Royce खरीदना सिर्फ एक कार खरीदना नहीं है, बल्कि एक पूरी प्रक्रिया है। इसमें भारी टैक्स, लंबा इंतज़ार और ज्यादा खर्च शामिल होता है। अगर आपके पास सही बजट, धैर्य और जानकारी है, तभी यह कदम उठाना समझदारी भरा होता है। वरना यह सपना बहुत महंगा पड़ सकता है।

उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV की यह जानकारी पसंद आई होगी।

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Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.

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