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धोखे से अनाथालय भेजी बच्ची को निकाल लाई यह 70 साल की बुड्ढी दादी

कहा जाता है कि मां-बाप का रिश्ता इस दुनिया में सबसे बढ़कर होता है लेकिन इसी के साथ दादा दादी और पोता पोती का रिश्ता भी काफी अहम होता है। दादा दादी अपने पोते पोती की इच्छाओं को पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। एक ऐसी ही घटना सामने आई है जिसमें 70 साल की बूढ़ी दादी अपनी पोती को बचाने के लिए अपने बेटे से ही उलझ गई थी। इतना ही नहीं दादी ने अपने बेटे को सबक सिखाने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।

गुजरात के सूरत का है मामला

आपको बताना चाहेंगे कि यह मामला गुजरात के सूरत शहर का है। जहां एक आदमी ने दूसरी औरत से शादी करने के लिए अपनी 11 साल की मासूम बेटी को अनाथालय भेज दिया था। जब इस घटना की सूचना मासूम बेटी की दादी को मिली तो वह अपनी पोती को लाने के लिए अनाथालय जा पहुंची। अनाथालय संचालकों ने बच्ची को देने से मना कर दिया लेकिन दादी यहीं नहीं रूकी वह अपनी पोती को पाने के लिए कोर्ट जा पहुंची।

कोर्ट ने किया सर्च वारंट जारी

दादी की दरख्वास्त पर कोर्ट ने पुलिस को बच्ची को लाने के लिए सर्च वारंट जारी कर दिया। इसके बाद पुलिस बच्चे को लेकर कोर्ट पहुंची। बच्ची ने जब अपनी दादी को देखा तो है फूट फूट कर रोने लगी। बच्चे ने कहा कि वह पिछले 25 दिनों से अनाथालय संचालकों को अपनी दादी के पास जाने को कह रही है लेकिन वह उसे अपनी दादी के पास नहीं भेज रहे। बच्ची को इस तरह रोते हुए देख कोर्ट का हर एक शख्स बुक हो गया।

बच्चे नहीं दादी के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की

जब कोर्ट में जज ने बच्ची को बुलाकर उसकी इच्छा के बारे में पूछा तो बच्चे नहीं दादी के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। जज ने बच्ची को अपने पास बिठाया और शांति से उसे अपनी बात कहने को कहा। उसके बाद कोर्ट ने इस बात की मंजूरी दे दी की बच्ची को अपनी दादी के पास रहना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्ची को किस आधार पर अनाथालय में रखा गया था संस्था को इस बात का जवाब देना होगा। जज ने अनाथालय संस्था पर जुर्माना लगाने की भी बात कही। कोर्ट ने मामले की पूरी जांच करने और अनाथालय पर आगे की कार्रवाई करने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही बच्ची को उसकी दादी को सौंप दिया गया है।

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