घर में दूध आता है और सवाल उठता है—आज गाय का लें या भैंस का? दोनों ही दूध अपने-अपने तरीके से अच्छे हैं, बस फर्क इतना है कि हर शरीर की ज़रूरत अलग होती है। अगर आप भी कन्फ्यूज़ हैं, तो चलिए बिल्कुल इंसानी, बोल-चाल वाली भाषा में इसे समझ लेते हैं—ताकि फैसला आसान हो जाए।
गाय का दूध: रोज़मर्रा के लिए हल्का साथी
गाय का दूध पीने के बाद अक्सर हल्कापन महसूस होता है। पेट पर बोझ नहीं पड़ता, इसलिए बहुत से लोग इसे रोज़ाना पीना पसंद करते हैं।

सुबह का समय हो या रात—गाय का दूध ज़्यादातर लोगों को आराम से सूट कर जाता है। बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए भी इसे सहज माना जाता है।
अगर आपका पेट जल्दी भारी हो जाता है या आप दिनभर एक्टिव रहना चाहते हैं, तो गाय का दूध आपके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है।
भैंस का दूध: गाढ़ा, मलाईदार और भरपूर
भैंस का दूध गाढ़ा होता है और इसमें मलाई ज़्यादा होती है। इसे पीने से पेट देर तक भरा-भरा सा लगता है। जो लोग ज़्यादा मेहनत करते हैं—खेत, दुकान, वर्कशॉप या लंबा शारीरिक काम—उन्हें भैंस का दूध ताकत देने वाला लग सकता है।
सर्दियों में भी बहुत से लोग भैंस का दूध पसंद करते हैं, क्योंकि यह शरीर को गरमाहट देता है।
किसे कौन-सा दूध चुनना चाहिए?
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रोज़ पीना है, हल्का चाहिए → गाय का दूध
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मलाई पसंद है, देर तक तृप्ति चाहिए → भैंस का दूध
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पेट संवेदनशील रहता है → गाय का दूध
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मेहनत वाला दिन रहता है → भैंस का दूध

मात्रा और समय भी मायने रखते हैं
दूध चाहे कोई भी हो, ज्यादा पीना ज़रूरी नहीं। उतना ही पिएँ जितना शरीर आराम से पचा ले। कई लोगों के लिए रात में हल्का दूध बेहतर रहता है, जबकि दिन में जरूरत के हिसाब से गाढ़ा दूध लिया जा सकता है।
सीधी-सी बात
गाय और भैंस—दोनों का दूध अच्छा है। फर्क बस इतना है कि गाय का दूध हल्का है और भैंस का दूध भरपूर। अपने शरीर की सुनिए—जो दूध आपको अच्छा लगे, वही आपके लिए सही है।
उम्मीद है THE GYAN TV पर दी गई यह जानकारी आपको पढ़ने में आसान, इंसानी और काम की लगी होगी।ऐसी ही रोज़मर्रा की सेहत से जुड़ी सरल बातें पढ़ते रहने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और इसके अलावा गाय के बारे में एक और ख़ास बात पढ़नी है तो यहाँ क्लिक करे गऊ मूत्र क्यों माना जाता है अमृत समान, पढ़ोगे तो लगेगा पता