सर्दियों में बाजरे की खिचड़ी होती है बेहद फ़ायदेमंद, जानिए इसके 4 बड़े फायदे

सर्दियों का मौसम आते ही खानपान में अपने आप बदलाव आने लगता है। ठंड के दिनों में शरीर को ज्यादा ऊर्जा, गर्माहट और मजबूत पाचन की जरूरत होती है। ऐसे में पारंपरिक भारतीय भोजन की अहमियत और बढ़ जाती है। इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में एक नाम है बाजरे की खिचड़ी, जिसे खासतौर पर सर्दियों में खाने की सलाह दी जाती है।

आज जब लोग सुपरफूड और महंगे डाइट प्लान की तरफ भाग रहे हैं, वहीं बाजरे की खिचड़ी जैसा देसी भोजन न सिर्फ किफायती है बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद संतुलित माना जाता है। यही वजह है कि गांवों से लेकर शहरों तक, सर्दियों में इसकी मांग बढ़ जाती है।

बाजरा सर्दियों के लिए क्यों माना जाता है सही अनाज

बाजरा एक मोटा अनाज है, जिसे आयुर्वेद और पारंपरिक खानपान में “तासीर में गर्म” माना गया है। ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखने में इसकी भूमिका अहम होती है। इसके अलावा बाजरा फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

जब बाजरे को दाल और हल्के मसालों के साथ खिचड़ी के रूप में पकाया जाता है, तो यह एक संपूर्ण और संतुलित भोजन बन जाता है।

1. शरीर को अंदर से गर्म रखती है

सर्दियों में सबसे बड़ी समस्या ठंड लगना और शरीर में सुस्ती महसूस होना होती है। बाजरे की खिचड़ी शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती है। इसकी तासीर गर्म होने की वजह से यह ठंड के असर को कम करती है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखती है।

यही कारण है कि ठंडे इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान बाजरे का सेवन ज्यादा किया जाता है।

2. पाचन तंत्र को रखती है मजबूत

सर्दियों में पाचन कमजोर होना, गैस या कब्ज की समस्या आम हो जाती है। बाजरे की खिचड़ी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। दाल के साथ मिलकर यह आंतों को साफ रखने में सहायक मानी जाती है।

अगर खिचड़ी को हल्के मसालों और देसी घी के साथ खाया जाए, तो यह पचने में आसान हो जाती है और पेट से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।

3. हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद

बाजरे में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी माने जाते हैं। सर्दियों में अक्सर जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ जाती है, खासकर बुजुर्गों में।

बाजरे की खिचड़ी का नियमित सेवन हड्डियों को पोषण देने में मदद कर सकता है और ठंड में होने वाले जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।

4. लंबे समय तक ऊर्जा देती है

बाजरे की खिचड़ी धीरे-धीरे पचती है, जिससे शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है। यही वजह है कि इसे खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती। सर्दियों में जब शरीर को ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है, तब यह खिचड़ी एक अच्छा विकल्प साबित होती है।

कामकाजी लोगों और बुजुर्गों के लिए यह भोजन दिनभर की थकान को कम करने में मददगार माना जाता है।

बाजरे की खिचड़ी किसे जरूर खानी चाहिए

  • जिन लोगों को सर्दियों में ज्यादा ठंड लगती है
  • जिन्हें पाचन या कब्ज की समस्या रहती है
  • बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर लोग
  • मेहनत वाले काम करने वाले लोग

हालांकि, जिन लोगों को बहुत ज्यादा गैस या पाचन से जुड़ी गंभीर समस्या हो, उन्हें इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए।

बाजरे की खिचड़ी खाने का सही तरीका

बाजरे की खिचड़ी को हमेशा ताजा और गर्म खाना बेहतर माना जाता है। इसमें जरूरत से ज्यादा मसाले या तला हुआ तड़का डालने से इसके फायदे कम हो सकते हैं। देसी घी की थोड़ी मात्रा इसके पोषण को और बढ़ा सकती है।

सर्दियों में इसे दोपहर या रात के भोजन में शामिल किया जा सकता है, ताकि शरीर को पूरा पोषण और गर्माहट मिल सके।

निष्कर्ष

बाजरे की खिचड़ी सर्दियों के लिए एक पारंपरिक, पौष्टिक और संतुलित भोजन है। यह न सिर्फ शरीर को गर्म रखती है, बल्कि पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने और लंबे समय तक ऊर्जा देने में भी मदद करती है। बदलते खानपान के दौर में ऐसे देसी विकल्पों को अपनाना सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

उम्मीद है आपको हमारी वेबसाइट THE GYAN TV  की यह जानकारी पसंद आई होगी।

Writer at  | Web |  + posts

Ankish is a content editor at GYANTV, responsible for refining articles to ensure clarity, accuracy, and reader engagement. With a strong focus on fact-based reporting and clean storytelling, he works closely with writers to improve structure, language, and overall content quality. His editorial approach prioritizes authenticity, readability, and responsible publishing, especially across health, lifestyle, and trending topics.

Leave a Comment