सर्दियों का मौसम आते ही घरों में देसी चीज़ें बनने लगती हैं। उन्हीं में से एक हैं गोंद के लड्डू दादी-नानी के ज़माने से सर्दियों में गोंद के लड्डू बनाए जाते हैं और इसकी वजह भी बहुत सीधी है — ये शरीर को मौसम के हिसाब से फिट रखते हैं. आज भी सर्दियों में लोग खास तौर पर गोंद के लड्डू खाना पसंद करते हैं।
शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं
गोंद की तासीर गर्म मानी जाती है। सर्दियों में इसे खाने से शरीर में अच्छी गर्माहट बनी रहती है। सुबह एक गोंद का लड्डू खाने से ठंड कम महसूस होती है।

दिनभर एनर्जी बनी रहती है
गोंद के लड्डू में देसी घी, गोंद, गुड़ और ड्राई फ्रूट्स होते हैं। ये सब मिलकर शरीर को अच्छी ताकत देते हैं। काम करने में आलस नहीं आता और दिन अच्छे से निकलता है।
हड्डियों को सपोर्ट मिलता है
सर्दियों में कई लोगों को हड्डियों और जोड़ों में जकड़न महसूस होती है। गोंद के लड्डू शरीर को मजबूती देते हैं, इसी वजह से बड़े लोग इसे ज़रूर खाने की सलाह देते हैं।
मौसम के हिसाब से शरीर को तैयार रखते हैं
सर्दियों में मौसम बदलते ही शरीर पर असर पड़ता है। गोंद के लड्डू शरीर की अंदरूनी ताकत को बनाए रखते हैं, जिससे मौसम आसानी से संभल जाता है।
महिलाओं के लिए भी पसंदीदा
घर में महिलाएं सर्दियों में गोंद के लड्डू ज़रूर बनाती हैं। ये रोज़मर्रा के कामों के लिए अच्छी एनर्जी देते हैं और शरीर हल्का-फुल्का महसूस करता है।

पेट के लिए भी ठीक
सही मात्रा में खाने से गोंद के लड्डू पेट को भी आराम देते हैं। भारीपन महसूस नहीं होता और खाना अच्छे से पचता है।
कितने लड्डू खाना ठीक है?
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रोज़ 1 लड्डू काफी होता है
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सुबह या दोपहर में खाना अच्छा रहता है
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दूध के साथ खाने में और स्वाद आता है
आख़िरी बात
गोंद के लड्डू सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि सर्दियों की देसी आदत हैं। स्वाद भी, ताकत भी और घर का अपनापन भी। यही वजह है कि आज भी सर्दियों में गोंद के लड्डू हर घर में बनाए जाते हैं।
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