भारत–यूरोपीय संघ के बीच हुई कार डील, मिल सकती है BMW और Mercedes कौड़ियों के भाव

26 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बड़ी व्यापारिक समझ बनी, जिसने ऑटो सेक्टर में हलचल मचा दी है। इस समझौते के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या अब यूरोप में बनी महंगी कारें, जैसे BMW और Mercedes, भारत में सस्ती हो जाएंगी। आम लोगों के मन में यह सवाल बिल्कुल जायज़ है, क्योंकि अब तक इन कारों पर भारी टैक्स की वजह से इनकी कीमत आम खरीदार की पहुंच से बाहर रही है। आइए आसान और साफ भाषा में समझते हैं कि यह डील क्या है और इसका असर कार बाजार पर कैसे पड़ सकता है।

यह डील आखिर है क्या

भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह समझ एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत बनी है। इसका मकसद दोनों पक्षों के बीच व्यापार को आसान बनाना और आयात–निर्यात पर लगने वाले भारी शुल्क को धीरे-धीरे कम करना है। इस समझौते में कई सेक्टर शामिल हैं, जिनमें ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है।

अब तक यूरोप में बनी कारों पर भारत में बहुत ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी, जिससे उनकी कीमत दोगुनी तक हो जाती थी। नई डील के तहत इसी टैक्स ढांचे में बदलाव की बात की गई है।

अभी तक कारें इतनी महंगी क्यों थीं

यूरोप में बनी लग्ज़री कारें भारत में सीधे आयात की जाती थीं। इन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी, सेस और अन्य टैक्स मिलाकर बहुत ज्यादा शुल्क लगता था। इसी वजह से BMW, Mercedes, Audi जैसी कारें भारत में अपने असली दाम से कहीं ज्यादा महंगी हो जाती थीं। उदाहरण के तौर पर, जो कार यूरोप में एक तय कीमत पर मिलती थी, वही भारत में टैक्स जुड़ने के बाद कई गुना महंगी हो जाती थी।

नई डील से क्या बदल सकता है

इस नए समझौते के तहत यह तय किया गया है कि यूरोपीय संघ से आने वाली कारों पर लगने वाले टैक्स को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा। इसका मतलब यह नहीं है कि अगले ही दिन कारें सस्ती हो जाएंगी, बल्कि यह एक प्रक्रिया होगी। जैसे-जैसे टैक्स कम होंगे, वैसे-वैसे सीधे आयात होने वाली यूरोपीय कारों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन कारों को होगा जो पूरी तरह यूरोप में बनती हैं और भारत में सीधे आती हैं।

BMW और Mercedes पर क्या असर पड़ेगा

BMW और Mercedes-Benz जैसी कंपनियों की कुछ कारें भारत में पहले से असेंबल होती हैं, जबकि कुछ मॉडल सीधे यूरोप से आयात होते हैं। नई डील का असर खास तौर पर उन्हीं आयातित मॉडलों पर दिख सकता है। अगर टैक्स में तय सीमा तक कटौती होती है, तो इन कंपनियों के प्रीमियम और फ्लैगशिप मॉडल पहले के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि कीमत कितनी कम होगी, यह पूरी तरह सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगा।

क्या हर लग्ज़री कार सस्ती होगी

यह समझना जरूरी है कि इस डील से हर कार की कीमत तुरंत कम नहीं होगी। जो गाड़ियां भारत में ही बनती हैं या असेंबल होती हैं, उन पर असर सीमित हो सकता है। वहीं जो गाड़ियां पूरी तरह यूरोप से आती हैं, उनके दामों में ज्यादा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा यह भी संभव है कि शुरुआत में कुछ चुनिंदा सेगमेंट या लिमिटेड संख्या में आयात होने वाली कारों को ही राहत मिले।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा

अगर यह डील पूरी तरह लागू होती है, तो भारतीय ग्राहकों के लिए प्रीमियम कारों के विकल्प बढ़ सकते हैं। पहले जो मॉडल सिर्फ देखने तक सीमित थे, वे अब खरीदने लायक बजट में आ सकते हैं। इससे लग्ज़री कार बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी, जिसका फायदा अंततः ग्राहकों को ही मिलेगा।

कब तक दिखेगा असर

यह समझ 26 जनवरी 2026 को बनी जरूर है, लेकिन इसके नियम और शर्तें लागू होने में समय लग सकता है। टैक्स में कटौती एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे की जाएगी। इसलिए कीमतों में बदलाव भी समय के साथ देखने को मिलेगा। कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों को जल्दबाज़ी के बजाय स्थिति को समझकर फैसला लेना बेहतर रहेगा।

निष्कर्ष

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई यह नई डील भारतीय ऑटो बाजार के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। BMW और Mercedes जैसी यूरोपीय कारें भविष्य में सस्ती हो सकती हैं, लेकिन यह बदलाव चरणबद्ध होगा। फिलहाल इतना साफ है कि आने वाले समय में भारतीय ग्राहकों के लिए प्रीमियम कारें पहले से ज्यादा सुलभ हो सकती हैं। यह डील सिर्फ कीमतों को नहीं बदलेगी, बल्कि पूरे कार बाजार की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।

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Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.

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