सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से होते है ये फायदे, ख़ुद जाने

भारत में पुराने समय से ही तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा चली आ रही है। आज जब लोग बिना दवा के सेहत सुधारने के उपाय ढूंढ रहे हैं, तब यह पुरानी आदत फिर से चर्चा में आ गई है। खासकर सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन का पानी पीने को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

लेकिन सवाल यह है कि तांबे का पानी आखिर शरीर में क्या करता है, इसके फायदे क्या हैं और इसे पीने का सही तरीका क्या है। आइए बिल्कुल आसान और साफ भाषा में समझते हैं।

तांबे का पानी क्या होता है

तांबे का पानी वह होता है, जो रातभर तांबे के बर्तन में रखा जाता है। इस दौरान पानी में तांबे के बहुत ही सूक्ष्म तत्व घुल जाते हैं। यही तत्व सुबह पानी पीने पर शरीर को मिलते हैं। इसी वजह से तांबे के बर्तन का पानी साधारण पानी से थोड़ा अलग और ज्यादा असरदार माना जाता है।

सुबह खाली पेट ही क्यों पीना चाहिए

सुबह उठने के बाद शरीर कई घंटों तक बिना पानी के रहता है। इस समय पिया गया पानी शरीर में जल्दी असर करता है। खाली पेट तांबे का पानी पीने से शरीर इसे आसानी से吸 कर लेता है और इसके फायदे बेहतर तरीके से मिलते हैं।

पाचन तंत्र के लिए कैसे फायदेमंद है

तांबे का पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है। यह पेट और आंतों की सफाई में सहायक माना जाता है।
जो लोग गैस, पेट भारी रहना या कब्ज जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, उन्हें इससे राहत महसूस हो सकती है।

नियमित सेवन से पेट हल्का और साफ रहने लगता है।

वजन संतुलन में मदद

तांबे का पानी शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। जब शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है, तो खाना बेहतर तरीके से पचता है और फैट जमा होने की संभावना कम होती है।

इसी वजह से कुछ लोग वजन कंट्रोल के लिए भी तांबे के पानी को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं।

त्वचा के लिए क्यों माना जाता है अच्छा

जब शरीर अंदर से साफ और हाइड्रेट रहता है, तो उसका असर त्वचा पर भी दिखता है। तांबे का पानी शरीर में जमा गंदगी को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इससे त्वचा ज्यादा साफ, ताजी और हेल्दी महसूस हो सकती है। यह कोई तुरंत चमत्कार नहीं है, लेकिन नियमित आदत से फर्क दिख सकता है।

शरीर की अंदरूनी सफाई में मदद

तांबे का पानी शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। सुबह इसे पीने से शरीर दिन की शुरुआत साफ सिस्टम के साथ करता है। इससे सुस्ती कम हो सकती है और शरीर ज्यादा एक्टिव महसूस करता है।

इम्युनिटी और कमजोरी से जुड़ा असर

तांबे के तत्व शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं। सही मात्रा में तांबा मिलने से शरीर की सामान्य ताकत बनी रहती है।

जो लोग जल्दी थक जाते हैं या सुबह उठते ही सुस्त महसूस करते हैं, उन्हें कुछ समय बाद ऊर्जा में सुधार महसूस हो सकता है।

तांबे का पानी पीने का सही तरीका

तांबे का पानी पीने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • रात को तांबे के बर्तन में साफ पानी भर दें

  • सुबह उठकर उसी पानी को पी लें

  • एक गिलास पानी पर्याप्त होता है

  • इसके बाद 30 मिनट तक कुछ न खाएं

इसी तरह पानी पीने से इसका असर बेहतर माना जाता है।

कितनी मात्रा में पीना सही है

सुबह खाली पेट एक गिलास तांबे का पानी काफी होता है। ज्यादा मात्रा में पीने की जरूरत नहीं होती। हर चीज़ की तरह इसमें भी संतुलन जरूरी है।

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

हालांकि तांबे का पानी आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन हर शरीर अलग होता है।

  • बहुत ज्यादा पेट संवेदनशील हो

  • पहले से पेट दर्द या उलझन हो

  • किसी तरह की एलर्जी महसूस हो

तो सेवन बंद कर देना चाहिए।

कितने समय तक पीना चाहिए

तांबे का पानी हमेशा लगातार महीनों तक पीना जरूरी नहीं है। इसे कुछ हफ्तों तक पीकर बीच में ब्रेक लेना बेहतर माना जाता है।

इससे शरीर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

आम गलतियां जो लोग करते हैं

कुछ लोग तांबे के पानी को उबालकर पीते हैं या बहुत ज्यादा मात्रा में लेते हैं। ऐसा करना सही नहीं माना जाता।

तांबे का पानी हमेशा सामान्य तापमान पर और सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए।

निष्कर्ष

सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना एक सरल लेकिन असरदार आदत हो सकती है। यह पाचन, शरीर की सफाई, ऊर्जा और सामान्य सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

हालांकि यह कोई दवा नहीं है, लेकिन सही तरीके और संतुलन के साथ अपनाई जाए तो यह आदत सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

अगर आप बिना ज्यादा खर्च और बिना दवा के अपनी दिनचर्या को थोड़ा बेहतर बनाना चाहते हैं, तो तांबे के पानी की यह पुरानी आदत एक अच्छा विकल्प बन सकती है।

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Mohit Swami is the Head of Content at GYANTV, overseeing content strategy, editorial planning, and quality control across the platform. With experience in managing digital content workflows, he ensures that every article aligns with accuracy standards, audience relevance, and ethical publishing practices. His work focuses on building trustworthy, engaging, and reader-first content in health, lifestyle, and trending news categories.

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