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यहाँ पड़े 74 करोड़ रूपए का कोई दावेदार नही, ऐसे करे क्लेम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल का बजट 2021-22 मैं नरेगा स्कीम के लिए 74 हजार करोड़ पर आवंटन करने का एलान किया था जोकि शायद अब तक का मनरेगा के लिए सबसे बड़ा बजट है। आपको जानकारी हैरानी होगी कि बैंको , म्यूचुअल फंडों और बीमा कंपनियों मैं इससे ज्यादा पैसा पड़ा है इसका अधिकारिक तौर पर कोई मालिक नहीं है। अगर हम इन पैसों से साल 2021-22 के मनरेगा फंड की फंडिंग कर दे तो फिर भी 8000 करोड रुपए चलाना बच जाएंगे। अगर हम ब्याज की बात करें तो 6 फ़ीसदी ब्याज के हिसाब से भी जुड़े दो इस पूंजी पर लगभग 4900 करो रुपए ब्याज सालाना बनता है। हालांकि पिछले कुछ सालों में सरकार ने दिन बिना मालिक और बिना दावे वाले 18000 करो रुपए का लगभग पूरी तरह से सेटलमेंट कर दिया। अब रही बात की इतना पैसा बिना किसी दावेदार के कैसे इन बैंकों और बीमा कंपनियों के पास जमा है। तो आपको बताना चाहिए की कहीं बाहर व्यक्ति कहीं निवेश तो कर देता है या फिर किसी बैंक में खाता खुलवाने के बाद पैसा जमा तो करवा देता है लेकिन उसका कोई नॉमिनी ना होने के कारण या फिर किसी करीबी को उनके निवेश के बारे में ना पता होने के कारण इस रकम को कोई क्लेम नहीं कर पाता इसी वजह से यह बिना दावेदार के हो जाती है।

26500 करोड़ रुपए हैं प्राइवेट फंड में

82000 करोड रुपए में सबसे ज्यादा रकम प्राइवेट फंड में ही है । प्राइवेट फंड में करीब ₹26000 करोड़ रुपए ऐसे हैं जिनका कोई दावेदार नहीं है। प्राइवेट फंड नियमों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के अकाउंट से 3 साल तक पैसे नहीं निकाले जाते हैं तो उसका अकाउंट बंद हो जाता है और अगर कोई अकाउंट 7 साल तक बंद पड़ा है तो उसका पूरा पैसा सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड में चला जाता है।

बैंकों में पड़े 18000 करोड़ का कोई दावेदार नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक 30 मार्च 2019 की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे आंकड़े मिले हैं जो चौका देने वाले हैं। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार करीबन 18131 करोड रुपए बैंकों में ऐसे जमा है जिनका कोई दावेदार नहीं है। आरबीआई के नियमों के अनुसार अगर कोई अकाउंट 10 साल तक बंद या इन एक्टिव बड़ा है तो उस अकाउंट में जमा जितना भी पैसा होता है वह पूरा एजुकेशन फंड में चला जाता है।

बीमा कंपनियों के पास है ₹15000 करोड रुपए

बीमा कंपनियों के पास भी लगभग 15000 करोड रुपए ऐसे हैं जिनका कोई दावेदार नहीं है। दरअसल बीमा कंपनी बीमा खरीदने के बाद इसकी मेच्योरिटी पूरी हो चुकी है और अब उस रकम का दवा कोई करने वाला नहीं है । अभी तक के आंकड़ों के अनुसार बीमा कंपनियों के पास 15167 करोड रुपए ऐसे हैं जिनका कोई दावेदार नहीं है।

कैसे किया जा सकता है क्लेम

reserve Bank of India के नियमों के अनुसार सभी बैंक और बीमा कंपनियां अपनी वेबसाइट पर बिना दावेदार वाले पैसों की जानकारी देती है। आप उसी जानकारी वेबसाइट पर चेक करके क्लेम करने का फॉर्म भर सकते हैं इसके साथ ही आपको कुछ राशि भी भरनी करनी होती है और केवाईसी डाक्यूमेंट्स भी देने होते है। अगर आप कानूनी वारिस है तो आप बैंक जा सकते हैं वहां पर जाकर मृत्यु प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेज देने के बाद आपको डिपॉजिट राशि दे दी जाएगी।

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