Breaking News
Home / खबरे / तिहाड़ जे-ल में सुशील कुमार ने टीवी पर मैच देखा तो रोने लगे, वजह बताई कि

तिहाड़ जे-ल में सुशील कुमार ने टीवी पर मैच देखा तो रोने लगे, वजह बताई कि

हाल ही में जापान की राजधानी टोक्यो में ओलंपिक चल रहा है जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने भी पदक जीते हैं। भारत में हाल ही में कुश्ती में रजत पदक जीता। पहलवान रवी दहिया ने भारत को सिल्वर पदक दिलवाया। इसी बीच एक खबर सामने आई है जिसके अनुसार तिहाड़ जेल में बंद भारत के पूर्व पहलवान और ओलंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार ने भी ओलंपिक में कुश्ती का मैच दिखा । तिहाड़ जेल प्रशासन ने सुशील कुमार को मैच देखने की अनुमति दी तथा इसके लिए कॉमन एरिया में टीवी लगाया गया जहां सुशील कुमार ने अन्य कैदियों के साथ ओलंपिक में कुश्ती का मुकाबला देखा।

मैच देखने के दौरान सुशील कुमार हो गए भाऊक और लगे रोने

तिहाड़ जेल में बंद सुशील कुमार को ओलंपिक का कुश्ती का मुकाबला देखने की अनुमति मिली इसके बाद सुशील कुमार दोपहर में ही इस मुकाबले को देखने के लिए टीवी के सामने बैठ गए और रवि दहिया का मुकाबला होने का इंतजार करने लगे। इसके बाद जब रवी दहिया का मुकाबला शुरू हुआ तो सुशील कुमार पूरे मैच को एकटक नजर से देखते रहे लेकिन फाइनल मुकाबले में रवी दहिया मुकाबला हार गए और उन्हें केवल सिल्वर पदक से ही संतोष करना पड़ा। फाइनल में रवी दहिया को हार मिलने के बाद सुशील कुमार बहुत ही भावुक हो गए और रोने लगे। गौरतलब है कि रवी दहिया का फाइनल मुकाबला रूस के पहलवान जावूर योगुएव के साथ था जिसे वह 4-7 से हार गए। और सिर्फ सिल्वर पदक लेकर वापस देश लौटना पड़ा।

क्या है सुशील कुमार और रवि दहिया का संबंध

सुशील कुमार ने भारत के लिए 2012 में ओलंपिक में सिल्वर पदक जीता था जिसके बाद सुशील कुमार को बहुत पहचान मिली और पूरे देश में उनकी वाहवाही हुई। रवी दहिया ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सुशील कुमार से दांव पेंच सीखें इसके बाद दोनों का आपस में पहचान हुई। रवि दहिया ने सुशील कुमार से काफी कुछ सीखा है जिससे उन्हें फाइनल मुकाबले तक पहुंचने में मदद मिलेगी। हाल ही में सुशील कुमार पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं लेकिन कुश्ती में कपिल नाम रोशन करने के कारण जेल प्रशासन ने हाल ही में चल रहे टोक्यो ओलंपिक के कुश्ती मुकाबले को देखने की अनुमति सुशील कुमार को दी। सुशील कुमार ने टीवी के लिए कुछ दिनों पहले जेल प्रशासन को पत्र लिखा था जिसे जेल प्रशासन ने स्वीकार कर लिया।

About Mohit Swami

Leave a Reply

Your email address will not be published.