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22 दिन के नवजात को लेकर आती थी ये IAS अधिकारी ऑफिस अब किया तबादला

भारत में सबसे वरिष्ठ और कठिन परीक्षा यूपीएससी को माना जाता है। जिसमें सफल होकर एक व्यक्ति सबसे बड़ा सरकारी अधिकारी बनता है और सिविल सर्विसेज के माध्यम से देश की सेवा करता है। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी ही आईएएस अधिकारी सौम्या पांडेय की जिन्होंने 2017 में यूपीएससी की परीक्षा पास करके देश की सेवा करने का फैसला किया। अभी कुछ समय पहले उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया और जन्म के 22 दिन बाद ही वह फिर से अपने दफ्तर में आने लगी। इसके बाद उनका तबादला भी कर दिया गया। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों किया गया उनका तबादला।

बेटी के जन्म के मात्र 22 दिन बाद वापस आने लगी ऑफिस

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली सौम्या पांडेय 2017 के बैच की आईएएस अधिकारी हैं। कुछ समय पहले सौम्या ने एक बेटी को जन्म दिया। सामान्य तौर पर बात करें तो बच्चे के जन्म के बाद माता को सरकारी नियमों के मुताबिक 6 महीने तक अवकाश मिल सकता है लेकिन सौम्या ने अपनी बेटी के जन्म के मात्र 22 दिन बाद ही अपना दफ्तर ज्वाइन कर लिया और वापस कामकाज में लग गई। सौम्या एक आईएएस अधिकारी हैं और उन पर काफी जिम्मेदारियां हैं इसलिए अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए वह मां बनने के मात्र 22 दिन बाद ही अपनी बेटी के साथ दफ्तर में आने लगी हैं।

लोग दे रहे शाबासी, वहीं कुछ लोगों ने बताया इसे गलत

सौम्या पांडेय मां बनने के 22 दिन बाद अक्सर आने लगी तथा साथ ही अपनी 22 दिन की बेटी को भी दफ्तर में ही साथ लाने लगी तो लोगों ने इसके बारे में अपनी अपनी राय देनी शुरू कर दी। दफ्तर में बैठी सौम्या की उसकी नन्ही बच्ची के साथ सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो गई। इसके बाद लोगों ने काम के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें काफी शाबाशी और बधाई दी। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मां बनने के बाद इतने कम समय में वापस काम पर लौटना सही नहीं है बल्कि अपने बच्चे की देखभाल के लिए उन्हें घर पर ही आराम करना चाहिए।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सौम्या के इस साहसिक कदम की तारीफ की है और उन्हें बधाई भी दी। साथ ही कहा कि इस तरह की निष्ठा सभी को अपने कर्तव्य के प्रति रखनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर इस बारे में राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इतने छोटे बच्चे को दफ्तर में लाना गलत है। जन्म के बाद बच्चे और उसकी मां दोनों को आराम करने की जरूरत होती है। इसलिए सुपरवुमन बनना छोड़कर बच्चे की सेहत पर ध्यान देना चाहिए।

आईएएस अधिकारी सौम्या पांडे बच्ची को गाजियाबाद के मोदीनगर में एसडीएम के पद पर पहली नियुक्ति मिली थी। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने उनका गाजियाबाद से कानपुर तबादला कर दिया है।

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