Breaking News
Home / खबरे / हरियाणा के सुल्तान भैंसे का हुआ नि’धन, 21 करोड़ रुपए लग चुकी थी बोली

हरियाणा के सुल्तान भैंसे का हुआ नि’धन, 21 करोड़ रुपए लग चुकी थी बोली

भारत एक कृषि प्रधान देश है और हर घर में पालतू जानवर देखने को मिल जाएंगे। गांव में जहां मवेशियों को अधिक पाला जाता है वही शहरों में कुत्ते बिल्ली जैसे घरेलू जानवरों को पाला जाता है। आज हम बात कर रहे हैं हरियाणा के सुल्तान भैंस के बारे में जिसने इतना नाम कमाया जितना एक इंसान भी अपने जीवन में नहीं कमा सकता है।

सुल्तान ने झज्जर, करनाल,हिसार में काफी प्रतियोगिताओं को जीता है। 2013 में सुल्तान ने राष्ट्रीय पशु सौंदर्य प्रतियोगिता जीतकर अपना नाम चारों तरफ फैलाया था।

सुल्तान के मालिक नरेश हर वक्त निहारते रहते हैं उसकी फोटो

हरियाणा की शान सुल्तान अब इस दुनिया में नहीं रहा उसके जाने के बाद सुल्तान के मालिक नरेश कुमार उसकी फोटो को निहारते रहते हैं। नरेश कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि सुल्तान के जाने पर उसे इतना दुख हुआ है जितना एक बच्चे का नि’धन होने पर होता है। कैथल के बुड्ढा खेड़ा गांव के रहने वाले नरेश ने कहां जब भी सुल्तान का खूंटा खाली दिखाई देता है तो उसकी बहुत याद आती है। सुल्तान का कुछ दिन पहले ही दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

21 करोड रुपए लग चुकी है बोली

हरियाणा की सुल्तान की राजस्थान के पुष्कर में एक पशु प्रेमी ने 21 करोड रुपए तक बोली लगा दी थी लेकिन इसके मालिक नरेश कुमार ने इसे बेचने से इनकार कर दिया था कि उसने कहा कि बच्चों की कोई बोली नहीं होती और सुल्तान मेरे बेटे जैसा है। सुल्तान ने काफी प्रतियोगिताओं में हरियाणा का नाम रोशन किया है और प्रतियोगिताएं जीतकर झंडे गाड़े हैं। नरेश कुमार ने बताया कि सुल्तान के जैसा ना कोई था और ना कभी हो सकता है लेकिन हम आगे कोशिश करेंगे कि उसके जैसा किसी को बना सकें।

लाखों में बिकता था सुल्तान का सीमन

आपको बता दें कि सुल्तान से उसके मालिक नरेश कुमार को बहुत अधिक फायदा होता था सुल्तान साल में लगभग 30,000 सीमन सैंपल दिया करता था जिसकी कीमत लाखों में होती थी। आज दिल का दौरा पड़ने से सुल्तान के निधन के बाद नरेश कुमार समेत उसका पूरा परिवार गमगीन माहौल में डूबा हुआ है जैसे परिवार के किसी खास सदस्य का नि’धन हो गया हो। नरेश कुमार ने सुल्तान को बचपन से पाला है और लाड प्यार से हमेशा उसकी देखभाल की है नरेश कुमार तथा उसके भाई हमेशा अपने बच्चों से भी अधिक सुल्तान की सेवा करते थे।

About Mohit Swami

Leave a Reply

Your email address will not be published.