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आज है दशहरा, कर लीजिए यह काम जरूर होंगे भगवान राम खुश

भारत एक ऐसा देश है जहाँ बहुत सारे धर्म के लोग एक साथ रहते हैं. कोई हिन्दू है तो मुस्लिम हैं , तो कोई सिख हैं , तो कोई ईसाई हैं. प्रत्येक धर्म का अपना एक अलग महत्व है. भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जहाँ पर इतने सारे धर्म के लोग एक साथ रहते हैं. इस समय भारत मे हमारे हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा त्याहोर माने-जाने की बहुत ज्यादा जोरो शोरो से त्यारी हो रही है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं दीवाली की. दीवाली की शुरुआत नवरात्रों से हो जाती है. हिन्दू धर्म मे दिवाली को बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन सभी घरों में माता लक्ष्मी जी की पूजा होती हैं ओर अगर माता लक्ष्मी उनकी त्यापसा से खुश हो जाती है तो जरूर उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.

इस समय भारत मे दीवाली के शुभ और पवन त्याहोर का आगमन हो चुका है ऐसा इसलिए क्योंकि नवरात्रों को दीवाली का आगमन ही माना जाता है. आज नवरात्रे पूरे हो चुके हैं और आज विजय दशमी का त्याहोर हैं. विजय दशमी को दशहरा के नाम से भी जाना जाता हैं. यह त्याहोर भारत में बहुत ही ज्यादा धूम-धाम से मनाया जाता है. आइये आज हम आपको हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से बातएगे की दशहरे ( विजयदशमी ) का त्याहोर क्यों मनाया जाता है और आज के दिन ऐसा क्या करना चाइए जिसकी वजह से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी खुश हो जाये और आपके घर मे धन की वर्षा करे.

यह 10 दिन होते हैं बहुत शुभ , होती हैं घर मे सुख-समृद्धि की प्राप्ति

भारत मे आज से दीवाली की त्यारी ओर भी ज्यादा जोरो शोरो से शुरी हो हो जाती हैं. बोला जाता है कि हर एक दिन का अपना अलग महत्व होता है इसलिए हर एक त्याहोर का अपना एक अलग महत्व होता है. ठीक इसी तरह विजयदशमी का भी अपना एक अलग ही महत्व होता हैं. विजयदशमी 9 दिनो के नवरात्रे समाप्त होने के बाद आता है. अगर सीधे शब्दों में बोला जाए तो हिन्दू धर्म मे यह 10 दिन बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं. पहले 9 दिन तो नवरात्रे होते हैं उसके बाद अंतिम दिन विजयदशमी के रूप में मनाया जाता हैं. विजय दशमी के त्याहोर के लिए बोला जाता है की आज के दिन भगवान राम ने बुराई पर अच्छाई की जीत प्राप्त की थी. यही वजह हैं कि वजह दशमी का त्याहोर बनाया जाता हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इसके अलावा और भी एक वजह है जिसके चलते यह विजयदशमी का त्याहोर बनाया जाता है.

इस वजह से मनाया जाता है दशहरे के त्याहोर क्योंकि

विजयदशमी का त्याहोर नवरात्रे समाप्त होने के अगले दिन ही आता है. अगर सीधे शब्दों में बोला जाए तो 9 दिन के नवरात्रे समाप्त होने के बाद अगले दिन मतलब वे दिन विजयदशमी का त्याहोर मनाया जाता हैं. विजय दशमी के त्याहोर को बुराई ओर अच्छाई की जीत भी बोला जाता हैं. हिन्दू धर्म की सबसे धार्मिक किताब रामायण में लिखा हुआ है कि आखिर किस वजह से भारत मे विजयदशमी का त्याहोर मनाया जाता है. आपकी जानकारी के लिए बया दे कि दशहरे का त्याहोर इसलिए मनाया जाता है क्योंकि आज दे दीं भगवान राम ने राक्षस राज रावण का सर्वनाश करके दुनिया से बुराई समाप्त की थी. यही कारण है कि भारत मे आज के दिन विजयदशमी का त्याहोर मनाया जाता है.

आखिर नवरात्रे 9 दिन के ही क्यों होते हैं , वजह है कि

नवरात्रे के त्याहोर के तुरंत अगले दिन ही वजयदशमी का त्याहोर मनाया जाता है. इस के पीछे भी के बहुत बड़ी कहानी है कि आखिर नवरात्रे मात्र 9 दिन के ही क्यों होते हैं और नवरात्रे समाप्त होने के अगले दिन ही मतलब 10 वे दिन ही विजयदशमी क्यों मनाई जाती हैं. इस बात एक जवाब सिर्फ और सिर्फ एक ही जगह लिखा हुआ है वे वह हिन्दू धर्म की सबसे धार्मिक किताब रामायण. रामायण में लिखा हुआ है कि जब भगवान श्री राम अपनी अर्धांगनि ( पत्नी) सीता को रावण को लंकापति रावण से छुड़ा ने लंका गए थे तो उन्होंने माता सीता को बचाने के लिए लगातार 9 दिनों तक राक्षस रावण से युद्ध किया था. यह युद्ध 9 दिनों तक चला था. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि युद्ध तो 10 दिन चला था लेकिन रावण युद्ध के मैदान में 9 दिनों तक नही आया था और सिर्फ और सिर्फ 10वे दिन ही आया था. यही कारण है कि नवरात्रे सिर्फ 9 दिन के ही होते हैं.

आखिर नवरात्रे के अगले दिन ही क्यों मनाया जाता है दशहरा , वजह है कि

बहुत से लोगो के मन मे यह सवाल रहता है कि आखिर नवरात्रे समाप्त होने के अगले दिन ही क्यों विजयदशमी मनाई जाती है. इस बात का जवाव भी सिर्फ और सिर्फ रामायण में ही लिखा हुआ है. आपको जानकारी के लिए बता दे कि भगवान राम में हो राक्षस रावण के बीच मे युद्ध कुल 10 दिन तक चला था लेकिन रावण 10वे दिन ही युद्ध के मैदान में आया था. बाकी 9 दिन तो सिर्फ और सिर्फ रावण की सेना ही लड़ रही थी. जिसके चलते उन 9 दिनों को नवरात्रे का नाम दे दिया गया. नवरात्रे के मतलब है 9 राते हैं. मतलब की 9 राते गुजरने के बाद भगवान श्री राम ने दशमी के ( 10वे) दिन रावण का वद कर दिया था और संसार को एक पापी से मुक्त कर दिया था. ओर इसी वजह से नवरात्रे समाप्त हो जाने के बाद अंतिम दिन विजयदशमी का त्याहोर मनाया जाता है ओर इसलिए बोला जाता है कि विजयदशमी के दिन भगवान राम ने बुराई पर अच्छाई की जीत करवाई थी.

आखिर क्यों जलाया जाता है रावण का पुतला , वजह है कि

इसी त्याहोर को मनाने के लिए आज के दिन पूरे भारत मे गली-गली में रावण के पुतले जलाए जाते हैं. यह पुतला बुराई का प्रतीक होता हैं और इसको जला कर संसार से बुराई समाप्त की जाती हैं. यही कारण है कि भारत मे आज के दिन मतलब विजयदशमी के दिन हर साल रावण का पुतला जलाया जाता है ओर बुराई को दुनिया से समाप्त किया जाता है. इसलिए बोला जाता है कि आज के दिन सभी लोगो को रावण का पुतला बनाना चाइए ताकि उनके घर की बुराइयां भी उस पुतले के जलने के साथ-साथ समाप्त हो जाए.

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